ई धरती ह बिहार के

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अंग ,विदेहा , मगध ,वैशाली ,
जइसन रहे सम्राज जहा
गुप्त काल सन ,मौर्या कल सन ,
भारत के स्वर्णिम काल जहा
विक्रमशिला आ नालंदा जइसन,
रहे अनुपम संस्थान जहा
ई धरती ह बिहार के |
सविनय अवज्ञा आंदोलन , गांधी के , भईल शुरू जहा
बीर कुंवर सिंह , खुदीराम, बैकुंठ शुक्ल , राजेंदर बाबू ,
जे पी , जइसन महापुरुसन के जनम भईल जहा
ई धरती ह बिहार के |
गम गम महके माटी जहा
गंगा, गंडक, बागमती संग
कोसी के आशीर्वाद जहा
होखे गेहू होखे धान
उपजे हर खलिहान जहा
ई धरती ह बिहार के |
न्यूयोर्क के हो रोल बिहारी
मोतिहारी के ताश जहा
पुआ, ठेकुआ ,सतुआ , मकुनी ,भुजा , लाइ ,
लिट्टी-चोखा, जइसन पकवान जहा
ई धरती ह बिहार के |
छठ पूजा होखे या फागुन ,
रंग चढे बस सुख के जहा
हंसी खुसी मिल जुल कर ,
लोग मानावे परब जहा
ई धरती ह बिहार के |
मन कुंठित बा देखकर
की आज सीना एकर भारी बा
दुख के बद्री, कई सालन से
बरसल बारी बारी बा
मत बढ़अ आगे, एकबेर एके खाली निहार के
फेन उठी ई अमरपक्षी सन ,
लिख दी आपन नाम जहा में ,
ई धरती ह बिहार के |

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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