कबो उनका हमसे प्यार रहे

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कबो उनका हमसे प्यार रहे
हम उनकर ऊ हमार रहे
अब त देख के मुँहवे फेर ले ली
उ हमार ना हई सब कहे

हमार गीत मे उनके नाम रहे
सपना हकिकत मे उनके साथ रहे
अब त प्यार के घरौदां उजाड देहली
चाँद अब हमसे छुप के रहे

एक पल मे सारा सपना टुटल रहे
आँसु ना नीकले हिम्मत जुटल रहे
मुस्कान हमार छिन के का पईली
कहे विश्वजीत उ हमरे अखीये मे रहे

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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