जब तक बारी बा उमरिया

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जब तक बारी बा उमरिया
त बाबा के नगरिया बानी ये राम
ससुरा से आयी जब खबरिया
त माई के दुअरिया छुटी ये राम

एक दिन हमरो सावरिया
लेईके के पिअरिया अईहे ये राम
सखी लोग पेन्हाई के चुनरिया
डोली भीतरिया बईठईहे ये राम

उपरा से ललकी चदरिया
चार गो कहरिया अईहे ये राम
झट दे निकलिहे बहरिया
तनिको ना देरिया लागी ये राम

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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