रिमझिम बरसे लागल पनिया

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लोकगीत – कजरी : धान-रोपाई के अवसर पर

रिमझिम बरसे लागल पनिया,
चढल सवानवा रे भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

नाही आये सजनवा ना,
नाही आये सजनवा ना,
हो रामा नाही आये सजनवा ना..

रिमझिम बरसे लागल पनिया,
चढल सवानवा रे भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

रिमझिम रिमझिम बादर बरसे,
रतिया सेजिया परहीं तरसे,
हो रामा रतिया सेजिया परहीं तरसे,
जबसे श्याम गये मोरे घरसे,
हो रामा जबसे श्याम गये मोरे घरसे,
रतिया तलप तलप मोरे रामा,
रतिया तलप तलप के हो जा,
सखिया बिहानवा हो भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

नाही आये सजनवा ना,
नाही आये सजनवा ना,
हो रामा नाही आये सजनवा ना,
रतिया तलप तलप के हो जा,
सखिया बिहानवा हो भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

रिमझिम बरसे लागल पनिया,
चढल सवानवा रे भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

यक ओरि गरजे यक ओरि चमके,
यक ओरि बिजुली नभ मे गरजे,
यक ओरि गुलाब दमक दम दमके,
हो यक ओरि गुलाब दमक दम दमके,
हमके छोड गये मोरे रामा,
हमके छोड गये मोरे रामा,
केहि करानवा हो भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

नाही आये सजनवा ना,
नाही आये सजनवा ना,
हो रामा नाही आये सजनवा ना,
हमके छोड गये मोरे रामा,
केहि करानवा हो भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

रिमझिम बरसे लागल पनिया,
चढल सवानवा रे भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

सब सखिया मिल कजरी गावै,
हमरी बुझल आग लगावै,
हमरे श्याम नही घर आवै,
हो हमरे श्याम नही घर आवै,
झूलबे केकरे संगवा रामा,
झूलबे केकरे संगवा सावन,
झूलानवा हो भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

नाही आये सजनवा ना,
नाही आये सजनवा ना,
हो रामा नाही आये सजनवा ना,
झूलबे केकरे संगवा सावन,
झूलानवा हो भवनवा,
नाही आये सजनवा ना..

रिमझिम बरसे लागल पनिया,
चढल सवानवा रे भवनवा,
नाही आये सजनवा ना……..

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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