सोचत बानी तोहसे बलमु

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सोचत बानी तोहसे बलमु .नेहिया लगाय के
छोड़ मत दीहा हमके .. पिरितिया बढाई के !

तोहरे बीना ए बलमु.. जी न सकिला अब हम
चल मत जहिया हमसे .. लागी छुड़ाई के!

छोड़ मत दीहा हमके इतना करीला तोहसे प्यार इ समझ ला ..
जियत बानी तोहके सजना .. खुद के भुलाय के !!

छोड़ मत दीहा हमके दुनिया जाने न जाने दिल तो इ जाने ला ..
पूजी ला मन में तोहर मूरत बसाई के!
छोड़ मत दीहा हमके .

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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