डाॅ पवन कुमार जी के लिखल भोजपुरी गीत इहे बा जिनिगिया

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हमनी किसनवन के इहे बा जिनिगिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

जाड़ घाम बरखा सहि-सहि दिन रतिया
खूनवा जराइके कराइले नू खेतिया
आसरा लगाइके गढ़ाइले पिरितिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

खेतिया करावे में बहुते लागे खरचा
फेंट में रुपइया ना,लेवे के परे करजा
ऊपर से घर परिवार के खरचिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

दइब निरदइया के भइले बाम नेतिया
कबो सूखा कबो बाढ़ कइले रे अनेतिया
खेत के अनाज नाहि आवे खरिहनिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

दिने-दिन बढ़े जमाखोरी महंगइया
हमनी के केहू नाहि बाटे पूछवइया
जियल पहाड़ भइले कटे ना उमिरिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

अब का करीं हो बाबू कहां जाईं भइया
कइसे सधी करजा कइसे बीती हो समइया
फंसरी लगाईं आ कि खाईं हम महुरिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

हमनी किसनवन के इहे बा जिनिगिया
इहे बा जिनिगिया हो ना ।

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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