प्रिंस रितुराज दुबे जी के लिखल भोजपुरी कविता नायका बरिस

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नायका बरिस लेके आईल बहार हो
नाया नाया होई हजार धमाल हो |
मन के भीतरिया ख़ुशी के उमंग
आकाश में चमके सतरंगी पतंग |

दईब करस कुछु अईसन कमाल
जिनगी में हो जाये खुशी के बहाल |
देशवा में होता कईसन बवाल
ओराजाय दुःख बिपत के ईनार |

देसवा में बहे शांति के बयार
मनवा में होखे पिरितिया के बास |
होखे जिनिगिया से दुःख गरीबी दूर
तबे होई नायका बरिस के स्वागत आ मजा भरपूर |

अच्छा दिन के बात करS , ढेर करी अच्छाई |
नायका सरकार के सघे चलS , दूर भागी महगाई |

नायका बरिस में मत करी , भ्रष्टाचार आ करिया कमाई |
तनिको दईब से भय करS , तबे होई तोहर बढ़ाई |

मत करS कवनो अईसन कार
जईसे होखे राउर नायका बरिस ख़राब |

माई बाप कS नांव करS , बनS तू लायक लाल |
नाया बरिस लेके आईल , शांति आ तरक्की के बहार |

नाया बरिस के का बात बाटे , बहुरिया के गालिया भईल लाल बाटे |
सजना के बाट जोहे में , नयना से बहत लोर बा
नयना बा धसल , उ सजना के मनवा में जा बसल |
सजना बाड़े बउराईल , सजनी के सुरतिया के घुरिआईल
कब होई मिलन , आईल नायका बरिस के उमंग |

प्रिंस रितुराज दुबे

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