अबर घोड़ी के साँझे पेयान

जदी घोड़ी कमजोर होखे त निर्धारित समय से पहिले जतरा सुरु करे के परेला, काहें कि ओकरा धीमा चाल पर कवनो भरोसा ना रहेला कि निद्रिष्ट जगह पर समय से पहुँची की ना।

दूबर पछवाला आदमी अपना पछ में समय से पाहिले जोगाड़ कके अपना सुरक्षा के तइयारी करे लागेला।

अबर विद्यार्थी सांझे से पढ़े बइठ जाला।

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