अगिया लगाय छँवड़ी बर तर खाढ़

0
77

कवनो लइकी झगरा लगा के उहाँ से हट जा आ गाछ के नीचे खड़ा होके तमासा देखे लगे। इहाँ लइकी समाज मे रहे वाला चुगुलखोरन के प्रतीक बा, जेकर पेसा चुगली कइल आ झगरा लगवल बा । अइसन लोग देश आ समाज के खातिर घातक होला। ई लोग आगो लगावेला, तमसो देखेला। आज कल्ह दोसरा के घर फूँक के तमसा देखे वाला लोग समाज मे ढेर बा।

SHARE
Previous articleअकिला बुआ
Next articleभोजपुरी अभिनेता खेसारीलाल को मिला सम्‍मान
जोगीरा डॉट कॉम भोजपुरी के ऑनलाइन सबसे मजबूत टेहा में से एगो टेहा बा, एह पऽ भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के टटका ख़बर, भोजपुरी कथा कहानी, भोजपुरी किताब, भोजपुरी साहित्य आ भोजपुरी से जुड़ल समग्री उपलब्ध बा।

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

Please enter your comment!
Please enter your name here

4 + ten =