यहां बंदिनी मिश्रा हैं भोजपुरी फिल्मों की सबसे व्यस्त मां

0
404

भोजपुरी फिल्मों में भी हिन्दी फिल्मों की तरह मां की भूमिकाएं गौण होती जा रही हैं। लेकिन, पारिवारिक-सामाजिक फिल्मों से किनारा करके भोजपुरी फिल्में जिन्दा नहीं रह सकतीं। इसलिए फिल्मोद्योग को बचाने के लिए ‘माँ’ को बचाना भोजपुरी फिल्मकारों की बस मजबूरी है। संयोग से मां की भूमिकाएं करने वाली समर्थ अभिनेत्रियों का भी अकाल ही है। बीते जमाने की नायिका और कत्थक में विशारद बंदिनी मिश्रा मां के रूप में आज की तिथि में पहली पसंद बनी हुई हैं। वह अब तक पचास भोजपुरी फिल्मों में मां की भूमिकाएं निभा चुकी हैं।

बिहार में अभी-अभी उनकी फिल्म प्रदर्शित हुई थी-‘खिलाड़ी’। इसके अतिरिक्त बाली निर्देशित ‘जिद्दी’ और राजकुमार पांडेय निर्देशित ‘ट्रक ड्राइवर-2’ भी शीघ्र प्रदर्शित होगी। राजकुमार पांडेय और बंदिनी मिश्रा ने एक अनोखा कीर्तिमान खड़ा किया है। पचास फिल्में कर चुकी बंदिनी ने बीस फिल्में राजकुमार के साथ की हैं। सुजीत कुमार के साथ ‘‘पान खाये संईयां हमार’’ से भोजपुरी फिल्मांे में दाखिल होने वाली बंदिनी दो दर्जन (भोजपुरी) फिल्मों की नायिका रही हैं। राजश्री प्रोडक्शन की ‘‘पायल की झंकार’’ से हिन्दी फिल्मों में प्रवेश करने वाली बंदिनी ने लगभग तीन दर्जन फिल्मों (हिन्दी) में काम किया, जिसमेें शत्रुघ्न सिन्हा-हेमा मालिनी के साथ ‘फांसी के बाद’, गोविन्दा-मंदाकिनी के संग ‘प्यार मोहब्बत’ और दादा कोंडके की ‘आगे की सोच’ और ‘खोल दे मेरी जुबान’ इत्यादि उल्लेखनीय हैं।

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

Please enter your comment!
Please enter your name here

sixteen − 15 =