भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का दुर्भाग्य : मधुप श्रीवास्तव

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मधुप श्रीवास्तव
मधुप श्रीवास्तव
जब कोई फिल्म पीआरओ पत्रिका का संपादक हो यह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए दुर्भाग्य की बात है. फिल्म पत्रकारिता व फिल्म पीआरओ का वर्क दोनों अलग है. राजकुमार आर पाण्डेय की फिल्म नगीना का सिनेमाघर से संबंधित जो न्यूज़ मैंने लगाया था उस पर फ़िल्मी डोज के व्हाट्सऐप ग्रुप (जिसे निशा पाण्डेय चलती है) राजकुमार आर पाण्डेय और पीआरओ संजय भूषण पटियाला ने फ़िल्मी डोज वेबसाइट के संचालक संकेत बेदर्दी और मेरे ऊपर एफआईआर करने की धमकी दी गई गई और उस ग्रुप में गालियों के साथ अपशब्द बाते कही. राजकुमार पाण्डेय को मेरे न्यूज़ से प्रॉब्लम है तो सही न्यूज़ सबूत के साथ सभी मीडियाकर्मी को दे…. ताकि मैं झूठा साबित हो जाऊ. राजकुमार खुद फ़िल्मी डोज के व्हाट्सऐप ग्रुप (जिसे निशा पाण्डेय चलती है) में माना भी है पंकज सिनेमा हॉल का नाम लिया ओ सही है, कल उनके कॉल करने पर हुई बात चित में खुद बोले मेरा फिल्म नगीना छपरा, सीवान व मोतिहारी में नही चल रहा है. यूएफओ के अपडेट को ओ नही मानते है और यूएफओ उनके फिल्म के रिलीज एरिया का गलत अपडेट किया है.यूएफओ के अपडेट के अनुसार नगीना पहले सप्ताह में बिहार व नेपाल मिला के 12 सिनेमा हॉल, ईस्ट पंजाब में 2 सिनेमा हॉल, मुंबई 6 सिनेमा हॉल में रिलीज हुई है.

आप सभी भोजपुरी मीडिया हाउस से अनुरोध है की भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का कोई भी पीआरओ किसी भी फिल्म का न्यूज़ सुपर हिट, डुपर हिट, सुपर से ऊपर लिख के भेजता है उसे सुपर फ्लॉप हैडलाइन के साथ पब्लिश किया जाये. जब तक पीआरओ, निर्देशक या निर्माता उस फिल्म की लागत, रिकवरी (जो निर्माता के जेब में आया हो) का प्रूफ के साथ ना भेजे तब तक सुपर हिट के साथ ना पब्लिश किया जाये. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को को और नए निर्माताओं को बचना हमारा उद्देश्य है.

धन्यवाद
मधुप श्रीवास्तव
9370299778

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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