सतीश प्रसाद सिन्हा जी के लिखल एगो भोजपुरी गजल

0
477

ना जिये दी, ना मरे दी, याद हमरा के
दम कबो नाहीं धरे दी, याद हमरा के

दिल घवाहिल हो गइल बा चोट खा-खा के
घाव दिल के ना भरे दी याद हमरा के

भुक-भुका के जरि रहल बा प्रान के बाती
ना बुते दी, ना बरे दी याद हमरा के

नाव जिनिगी का किनारा आ रहल बाटे
पार बाकिर ना करे दी याद हमरा के

का करी अब बूढ तन के पेड़ ई रह के
ना फरे दी, ना झरे दी याद हमरा के

दोष हमरे बा कि कइलीं याद से यारी
बेवफाई ना करे दी याद हमरा के

लेखक: सतीश प्रसाद सिन्हा

ध्यान दीं: इ रचना सतीश प्रसाद सिन्हा जी के फेसबुक पेज से लिहल गइल बा

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

Please enter your comment!
Please enter your name here

one × 2 =