छनही तोला, छनही माशा

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कइसन कइसन चलल तमाशा
छनही तोला, छनही माशा ||

अगराइल लीहले उ तिरंगा
दिल करिया बारे मन न चंगा
बेटी के इज्जत का होला
बहिन भईल भाषा से नंगा |

अकुताइल सभ, बोली – भाषा
छनही तोला, छनही माशा ||

फूटल खपरा, चूवत मचान
थथमल बाटे गँवई किसान
कबों बाढ़ इहाँ कबहुं सूखा
सटल पेट बा, जुटल ईमान |

फाटल धोती, सियल न आशा
छनही तोला, छनही माशा ||

कबों जुड़ाइल कबों अघाइल
छोड़ल कबहुं कबों बन्हाइल
किसिम किसिम के चूंटा चूंटी
रेघरी पारत बा थउसाइल |

जात – धरम के फेंकत पासा
छनही तोला, छनही माशा ||

बुताइल मन, केकरा तारी
जिनगी अस जस झूर कियारी
झिहिर झिहिर कब बूंदा -बाँदी
तरसत तन, सकुताइल प्यारी |

बीतल जिनगी झेलत झांसा
छनही तोला, छनही माशा ||

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी
इंजीनियरिंग स्नातक ;
व्यवसाय: कम्पुटर सर्विस सेवा
सी -39 , सेक्टर – 3;
चिरंजीव विहार, गाजियाबाद (उ. प्र.)
फोन : 9999614657
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