बिहारी सोना विनय आनंद

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सुप्रसिद्ध स्टार अभिनेता गोविन्दा के भान्जे श्री विनय आनंद को परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। हां दोस्तो विनय आनंद एक ऐसा नाम है जो भोजपुरी इंडस्ट्री में गोइठी की आग की तरह सुलगती रही है। विरासत में मिले अभिनय, डांस, कॉमेडी व एक्शन विनय आनंद के रग – रग में बसा हुआ है, इनके प्रतिभा की बात करे तो इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गैर भोजपुरी होते हुए भी जिस तरह पर्दे पर अभिनय करते हैं तो लगता है कोई भोजपुरिया नौजवान भोजपुरी परम्परा भोजपुरी संस्कृति व भोजपुरी रंग से लवरेज भोजपुरी मिट्टी से भोजपुरी खुश्बू बिखेर रहा है। एक सफल अभिनेता के जितने गुण है सब गुणो से भरपुर विनय आनंद अभिनय को अपना सब कुछ मानते हैं और मानते भी क्यों नहीं क्योंकि इनके सामने स्टार बॉलीवुड अभिनेता गोविन्दा जी की छवी भी तो है। बधाई हो दोस्तों, विनय आनंद एक तरफ अपने मामा श्री गोविन्दा जी को कोई शिकायत का मौका नहीं दिया वहीं भोजपुरिया समाज को अपने अभिनय, नृत्य, कॉमेडी व एक्शन से दिवाना बना दिया। एक सफल अभिनेता के लिए भाषा कभी दिवार नहीं भोजपुरी के साथ इस अभिनेता ने गुजराती इंडस्ट्री में अपनी रिकार्ड तोड़ उपस्थिती दर्ज कराई है ऐसा पहली बार हुआ है जब भोजपुरी क्षे़त्रीय भाषा का हिरो दूसरे क्षेत्रीय भाषा गुजराती में 15 वर्षो का रिकार्ड तोड़ते हुए अपने अभिनय का लोहा मनवा दिया, हम बात करते हैं हालिया रिलीज़ गुजराती फिल्म “मंगल फेरा” का। इस फिल्म ने इतना धमाल मचाया कि सफलता का 15 वर्षो का रिकार्ड घ्वस्त हो गया आइये दोस्तों हम ऐसे कलाकार को सैल्यूट करें जिसने कामयाबी का नया इतिहास रचा है।

विनय आनंद की इस सफलता पर भोजपुरी इंडस्ट्री को गर्व है। विदित हो कि “मंगल फेरा” तीन भाषाओं में बनी थी, भोजपुरी, नेपाली और गुजराती में। जहाँ एक तरफ भोजपुरी में पहले ही रिलीज़ हो चुकी थी और अपने सफलता का परचम लहरा चुकी थी वहीं अभी गुजराती में अभी रिलीज हुई और सफलता का रिकार्ड तोड़ नया इतिहास रच दी। नेपाली में अभी रिलीज होनी है। भोजपुरी में विनय आनंद की आने वाली फिल्मों में मुख्यतः “हम बानी बिहारी रिक्शावाला”, “तुलसी बिन सुना आंगनवा”, “हम बानी बिहारी टाईगर” प्रमुख है। दोस्तों आज ऐसा वक़्त आ गया है कि हमारे भोजपुरी दर्शक दो वर्गो में बट चुके है एक तरफ एक वर्ग शुद्ध अभिनेता जैसे रविकिशन, सुदिप पांडे, विनय आनंद, प्रदीप पांडे, चिंटू व अविनाश शाही जो अभिनय के बदौलत अभिनेता बने हैं। उन्हें देखते है। दूसरा वर्ग जो गायकी से अभिनेता बने है दिनेश लाल निरहुआ, मनोज तिवारी, पवन सिंह, खेसारी लाल व राकेश मिश्रा को देखते हैं। यही कारण है कि भोजपुरी का कोई श्रदेय अमिताभ बच्चन नहीं है यानी सुपर स्टार बिग बी नहीं है। आज भोजपुरी में स्आरडम नहीं रहा हम नहीं कह सकते कि फला हीरो की फिल्म हिट होगी फला हिरो की नाम से नहीं अच्छे काम से देखते है। बधाई हो, दर्शकों ने भोजपुरी फिल्मों के साथ न्याय करना शुरू कर दिया। 2013 में रिलीज़ फिल्मों के परिणाम देखने पर उपरोक्त बातें सत्य प्रतित होती है।
बिहारी सोना विनय आनंद

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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