धनंजय तिवारी जी

धनंजय तिवारी जी के लिखल दुसरकी शादी

ऑटो से उतरते अमित के दीदी के फोन आ गईल. दीदी के फेरु उहे रट, कि दुसर शादी क ल. रिश्ता निमन आईल बा....
धनंजय तिवारी जी

धनंजय तिवारी जी के लिखल प्रेम धोखो ह

"महाराज प्रेम अउरी तपस्या में का अंतर बा?" हिमालय की चोटी पर कई बरिस तप कर के आईल महाराज कृपालु जी से उहाँ के...
कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक जी

कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक जी के लिखल लोकनी

रमेश के शादी शीला से हो गइल दुनो जाना एके कवलेज में पढ़त रहे लोग देखा देखी होत रहे बाकी दुनो जाना अपना कुल...
भोजपुरी के हजार बरिस

भोजपुरी के हजार बरिस : सदानन्द शाही

भोजपुरी के इतिहास हजार बरिस से पुरान हवे। भोजपुरी के लिखित रूप के उदाहरण बहुत पहिले से मिलेला।चौरासी सिद्धन के कविता में भोजपुरी के...
अमर शहीद मंगल पांडे जी

१८५७ के गदर के जनक अमर शहीद मंगल पांडे जी

" एगो बहाना चाहत रहे , करेजा मे धधकत आगि के बहरी निकले खाति बहाना , आगि जवन कई बरिस से धधकत रहे ओह...
भोजपुरी के शेक्सपीयर : भिखारी ठाकुर

भोजपुरी के अनमोल हीरा भिखारी ठाकुर जी के पुण्यतिथि प धनंजय तिवारी जी के...

"आजू भोजपुरी के अनमोल हीरा भिखारी ठाकुर जी के पुण्यतिथि बा, अब हमरा जईसन आदमी खातिर श्रद्धांजलि देबे के सबसे निमन तरीका बा...
श्री पी राज सिंह जी के लिखल भिखारी ठाकुर के गाँव से लवट के

श्री पी राज सिंह जी के लिखल भिखारी ठाकुर के गाँव से लवट के

आंखो देखा हाल जननायक , महानायक , सास्कृतिक योद्धा अमर रंगकर्मी भिखारी ठाकुर जी के गांव से:भाषा के अस्मिता ओह भाषा के बोलवाला...
भिखारी ठाकुर के वंशज

भिखारी ठाकुर के वंशज

दलसिंगार ठाकुर के दो पुत्र हुए- भिखारी ठाकुर और बहोर ठाकुर. भिखारी के एक ही पुत्र हुए-शिलानाथ ठाकुर. भिखारी ठाकुर के बाद उनके पुत्र...
पी राज सिंह जी

पी राज सिंह जी के लिखल यात्रावृतान्त तिबत में सरजू

तिबत के पुरान धर्मग्रंथन में सरजू के उदगम मोर के चोंच से बतावल बा । नदियन के उदगम अवसान के विंदु , ओर छोर...
पी राज सिंह जी

पी राज सिंह जी के लिखल यात्रावृतान्त नेपाल में सरजू

अवुसे त बचपने से हम सरजू के आपन गाँव से 7 की मी दूर सिसवन में , रिविलगंज / गोदना सेमरिया में , छपरा...
धनंजय तिवारी जी

धनंजय तिवारी जी के लिखल हरियर चूड़ी

पूनम जईसे ही रसोइया घर से बाहर निकलली उनकर मोबाइल के घंटी बाज उठल। मोबाइल अन्दर कमरा में रहे। जाके देखली त रिंकी के...

भिखारी ठाकुर के नाटक के जीवित पात्र: रामचन्द्र बड़का

'विदेसिया' नाच में 'रंडी' की भूमिका निभानेवाले रामचंद्र मांझी (बड़का), ग्राम-तिजारपुर, जिला-छपरा अभी जिन्दा ही नहीं, जीवन्त भी हैं, वे अकेले जीवित कलाकार हैं,...
जिनगी के हर कोना के उकेरत भोजपुरी कविता संग्रह जिनगी रोटी ना हऽ ।

जिनगी के हर कोना के उकेरत भोजपुरी कविता संग्रह जिनगी रोटी ना हऽ

आजु के जुग मे जहवाँ रिश्तन के जमीन खिसक रहल बा, अपनत्व के थाती बिला रहल बा, उहवें एकरा के जीयल, ऊहो जीवंतता के...
भोजपुरिया अभिवादन एवं आशिर्वाद के ढंग

भोजपुरिया अभिवादन एवं आशिर्वाद के ढंग

जिला गोपालगंज और उसके आस-पास के क्षेत्रों और जिलों में जैसे सीवान, छपरा, मोतिहारी में भोजपुरिया अभिवादन एवं आशिर्वाद के तरीकों एवं अभिवादन और...
भोजपुरी संबोधन

गोपालगंज जिला में संबंधी के लिए प्रयुक्त भोजपुरी संबोधन

जिला गोपालगंज और उसके आस-पास के जिलों में जैसे सीवान, छपरा, मोतिहारी में सगा-संबंधी या रिस्तेदार के लिए उपयोग किये जाने वाले भोजपुरी संबोधन...
भिखारी ठाकुर

भिखारी ठाकुर जी के सामाजिक चेतना के चरचा

अबहि नाम भईल बा थोरा, जब यह छुट जाई तन मोरा तेकरा बाद पच्चीस बरिसा, तेकरा बाद बीस दस तीसा तेकरा बाद नाम हो जइहन, पंडित-कवि-...
भिखारी ठाकुर

भोजपुरी का एक अनमोल हीरा : भिखारी ठाकुर

लोकनाट्य के प्रवर्तक व भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर ने अपनी नाट्य शैली से समाज की कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया। वहीं, लोगों को...
हँसि हँसि पनवा खियवले बेइमनवा

हँसि हँसि पनवा खियवले बेइमनवा

ओ ऽ ऽ ऽ ऽ हँसि हँसि पनवा खियवले बेइमनवा हँसि हँसि पनवा खियवले बेइमनवाकि अपना बसे रे परदेस कोरी रे चुनरिया में दगिया लगाइ गइले मारी रे...
santosh patel

मातृभासा के कब्रगाह पर होई हिंदी के विकास ? : संतोष पटेल

हिंदी के साम्राज्यवादी नीति- केंद्रीय हिंदी संस्थान, भारत सरकार द्वारा ओकर साइट पर हिंदी भाषा में लोक भाषा बाड़ी सन. ओहि में क्रम...
संत कबीर

भोजपुरी भाषा के आदि कवि: कबीर

नवीन जागरण युग के अगुआ के रूप में हिंदी साहित्य में स्थापित “कबीर” आजू जनता के हृदय में व्यक्ति के रूप ना बलुक प्रतीक...

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