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कवि ह्रदयानन्द विशाल जी

कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के लिखल कविता भाँसा बोलीं भोजपुरिये

माई भाँसा के कदर करीं ए भइया आ जहाँ कहीं रही लेकिन भाँसा बोलीं भोजपुरिये एहि प लिखल कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के कविता...
कवि ह्रदयानन्द विशाल जी

ताड़ी पऽ कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के लिखल एगो भोजपुरी गाना

चाहें होखे हाड़ा चाहें होखे हाड़ी लियाव रे पसिया लबनी मे ताड़ी ताड़ी मे जनेव डुबल ताड़िये मे माला तरकुल के पेंड़ तर खुलल बा पाठशाला ताड़ी खातिर साधु लो मुड़ावता मोछ दाढ़ी लियाव..... ताड़ी...
कवि ह्रदयानन्द विशाल जी

कवि ह्रदयानन्द विशाल जी लिखल कुछ भोजपुरी गीत

हम भोजपुरीया हमार जान भोजपुरी भइया हम बोलिले निछान भोजपुरी हम.... माई भाँसा बसल बिया हमरा नस नस मे बोलला पर भिन जाले अमरित रस मे सभके करावे अमरित पान भोजपुरी हम.... आपन माटी आपन थाती आपन...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल सोहर

सोरठी तर्ज पर देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल सोहर मोरा पिछुअरिया सीरीसिया के गंछिया, सीरीसिया के गंछिया हो, ताहि पर बोले बनमोर नु ए राम। होत भिनुसरवा...
सौरभ कुमार जी

अभियंता सौरभ भोजपुरिया जी के लिखल हास्य् लेख खैनी

ए जी का खैनी की ना मुह भरल ना पेट जी हा खैनी जवना के सुरती भी कहल जाला बड़ी कमाल के गुण होला एकरा...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी बचावे के परी

लंगटा ह लंगटे रही लंगटे ई गाई माई बहिन के ई अपने गरिआई, अपना के बुझेला बड़का गवईया बेटी बहिन के ई मंच प लुटाई। इजत के बेंच...
विनोद भोजपुरीया जी

विनोद भोजपुरीया जी के लिखल एगो भोजपुरी कविता

जिनगी के सपना सगहि सजावेली।। दिनभर हसेली हमके हॉसावेली ।। होखेला हमनी भले तकरार हो ।। हमार बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो।। भुखाइल -पियासल जब घरवा...
विनोद भोजपुरीया जी

विनोद भोजपुरीया जी के लिखल सरस्वती वन्दना

दे देतू अतने हमरा के वरदान ऐ मईया । ई जगवा में देतू हमरो पहिचान ऐ मईया ।। हमहु चिन्हल जाइती अपने नाव से । मन शीतल...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

मुरारी कहां भेंटईहें भरल बाडे़ दुशासन सगरो चीर कहां से अईहें, करीं अरज कर जोडि़ के मुरारी कहां भेंटीहें। डेगे डेगे चीर खींचाता द्रौपदी के लाज के, भीष्म बनि देखतरुए ई दुनिया...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघुकथा रहमत के रमजान

ज्येष्ठ के आधा महीना बीतला के बाद रमजान के पहिलका अज़ान भइल।अभी ब्रम्हबेला के सुरुआत होत रहे. सब कोई अपना अपना छत पे सुतल...
सौरभ कुमार जी

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता तोहार शहर से अच्छा मोरा गाँव

तोहार शहर से अच्छा मोरा गाँव $$$ तोहर शहर से अच्छा मोरा गांव $$ बा कुईया के ठंढा पानी 2 अउर पिपरा के छाव बा तोहार शहर...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता हम भोजपुरीया

दुखवा कलेसवा में हिमत ना हारीला, सुखवा में कबो ना धाधाईं भोजपुरीया। सभके हो सुख चैन इहे हम मनाईला, दोसरा के दुख के संघाती भोजपुरीया। महला दुमहला के...
सौरभ कुमार जी

सौरभ कुमार जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता आ गीत

प्यार ना करती जानती की तू बेवफा बनबू ता प्यार ना करती दिल के धड़कन ना बनाईती ताहरा पर ना मरती हमरा मन के चमन में बसल...
सौरभ कुमार जी

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता रे माई

तोहरा से मिलल ई सास तोहरे से मिलल ई जीवन रे माई, तोहरे से ई सब रिश्ता तोहरे से जुडल ई तन-मन रे माई, दुनिया ता...
सौरभ कुमार जी

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता बेटी

तुही ता हमार ताकत होउ ये माई हमरा के कोखिये में मत मारा ये माई आइब एह दुनिया में तोहर नाम रौशन करब दुःख दर्द सहब केहू...
विवेक सिंह जी

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार, जोना में जान त बा बाकिर बेजान बा बिहार।। भोजपुरी भोजपूरी सब चिल्लाता, कहा से मिली भोजपुरी के मान्यता।। जे ज्यादा पढ़त...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कहानी बंसी के बगईचा

आसमान के असमानी रंग पर मटिया रंग के गर्दा चढ़ गईल रहे। लागत रहे कि आज ही कालदेव आपन बरसो के भूख मिटावे खातिर...

शशिकान्त पाण्डेय जी के लिखल चार गो भोजपुरी कविता

रोज रोइला चिल्ला के करीबी ह सुन के दहाड़ के बाकी हम का करि हो समझ ना पाई छुपल हरकतवा के रिश्ता के...
विबेक कुमार पांडेय

विबेक कुमार पांडेय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता

हम ना जननी कि अइसन जुटान होइहें माई भाखा में गंगा असनान होइहें सभ चेहरा खिलल बा रंगे प्यार से सभे गले मिल रहल बा दिली...
डॉ. हरेश्वर राय जी

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

लइकन सबके कविता पढ़ावल जरूरी बा पथराइल आँखन में गंगा बहावल जरूरी बा दिलन के दरार के दूरी मिटावल जरूरी बा I परदा के पीछे...