jindgi pahad ho gail

डॉ गोरख मस्ताना के एगो ग़ज़ल – उजियार

रात अन्हरिया, दिया जराईं, डगर डगर उजियार करीं बहुत सरहनीं महल के रउआ, अब मडई से प्यार करीं सागर के पानी ह खारा, एह में...
संजय सिंह

भोजपुरी गजल

उ काठ के करेजा बरबस छलक पड़ल, टूटल रहे सिन्होरा ,मिटल रहे भरम । पपनी के लोर में रहे ,उलझल जे मन के नाव, पतवार के उमंग...

ई शहर

का भईल जे सुने के खरी-खोटी देला सहरवे हs जे पेट के रोजी-रोटी देला जाके मिल में, तू लाख बुनs कपड़ा ढके खातिर देह, खाली...
ज़ौहर शाफ़ियाबादी

होला कबो बहार त पतझड़ जमीन पर

होला कबो बहार त पतझड़ जमीन पर लीला ई रोज देखेला अँखिगर जमीन पर अँखिया में अँखिया डार के कहलें ऊ अनकहल नेहिया के फूल खिल गइल...
कामेश्वर भारती

धरम

आगे खाई पिछे खाई संकट में बा जियरा मितवा। संकट में बा जियरा मितवा। साधु संत चोर हो गइले, धरम भइले बहिरा मितवा। संकट में बा जियरा मितवा। योगि जोगि...
भोजपुरी ग़ज़ल: जमाना के आंधी

भोजपुरी ग़ज़ल: जमाना के आंधी

भोजपुरी के श्लाकापुरुष पाण्डेय कपिल जी के एगो ग़ज़ल 1977 ई में आईल रहे - जमाना के आंधी केतना प्रासंगिक बा रउरो देखीं ---- जेने देखि...
भगवती प्रसाद द्धिवेदी जी के एगो भोजपुरी ग़ज़ल

भगवती प्रसाद द्धिवेदी जी के एगो भोजपुरी ग़ज़ल

हिय में उठत जुआर, प्यार के ग़ज़ल कहीं मउसम बा बटमार, प्यार के ग़ज़ल कहीं पियत दूध बछरू के जब गैया चाटे तिरपित होत निहार, प्यार के...
हम रोज निहारीला रहिया

हम रोज निहारीला रहिया

हम रोज निहारीला रहिया हम रोज बहारीला अँगना, जब-जब भी बयरिया सँसरेले अचके में खनखि जाला कँगना। तस्वीर बना के हृदया में दुनिया से छिपा रखले...
केतना कदम के डार हम रहनी अगोर के

केतना कदम के डार हम रहनी अगोर के

केतना कदम के डार हम रहनी अगोर के तबहूँ तोहार बाँसुरी बाजल न भोर के कब तक घिरल अन्हार में कलपत रही करेज कब तक सनेह के...