देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दीदीया के देवरा भोजपुरी गीत

जब भईया के ससुरारी भऊजी रहेली ओहघरी देवरलोग कवनो ना कवनो बहाने जाला। बाकी निगाह त भऊजी के कुंवार बहीन प रहेला। ई नाता...
देवेन्द्र कुमार राय जी

प्रस्तुत बा देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

भोजपुरी गीत अजबे दुखाता डभकता ता भीतरे भीतर अजबे दुखाता, बता दे दवाई केहु ना हमरा बुझाता। टेक। कवनो दवाई हमरा कामे नाहीं आवे, डाक्टर हकीम चाहे कुछुओ...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

ननदो हमार हई घरवा के चान हो पियवा के हमरा ई जिया के परान हो, ननदो हमार हई घरवा के चान हो। झुमुकी झुमुकी जब घुमे...
लाल बिहारी लाल जी

लाल बिहारी लाल जी के लिखल भोजपुरी गीत सांवरिया

स्त्री स्वर- सांवरिया आ जइतs एक बार अंखियाँ कब से राह निहारे, नैना तड़से हमार सांवरिया आ जइतS एक बार.... पानी बिन मछरी के जइसे, तड़पी रोज पिया तोहरे...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत गोरी कहवां लगवलू गुलाल

होली के दिन पति पत्नी में रंग के बहाने कईसे मजाक में व्यंगबाजी होता एह गीत के माध्यम से अनुभव कईल जाव:- रंगवा हरिअर गोरी...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत सईंया ई त कह

झुरू झुरू बह तरूए फागुन के हावा, सईंया ई त कह। कहिया ले गवना करईब हमार, सईंया ई त कह। संगही के सखी सभ भईली रसगुला, अपना पिया के...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत हम का का कहीं

फगुआ में देख अबीर आ गुलाल हम का का कहीं, रंग में रंगाईल नाचता सउंसे गांव नाव केकर केकर लीही। लचके कमर देख बुढ़वा जवान के,...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत चाहत के गीत गाईं कि ना

प्यार कईले रहीं उ भेंटाई कि ना, जवन सोचले रहीं उ बताईं कि ना। रात दिन जवना मूरत खोजत रहीं अपना भावना के फुलवा से पूजत रहीं, एह...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत ए सखी फागुन में

फागुन में सखी फागुन में सईंया हमरा के कईले लाचार ए सखी फागुन में । केनहु से आवे धरे भर अंकवारी आव तुं नियरा मिलीं जा पारा...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत बात समझ ना पाईले

किस्मत से निकल के का आईल ई बात समझ ना पाईले, जहवां जहवां कुछ आस दिखे ओह ओर खीचल चलि जाईले। सभ अन्जान भईल एहीजा केहु ना आपन...
विमल कुमार जी

विमल कुमार जी के लिखल छठी मईया सुखवा कबले भेंटी

बोझिल मन भारी दिल से करिला बरतिया, सास ससुर सवांग मिलल ना कवनों गतीया, बड़ी शारधा से करिला तोहरो भगतिया फेरि दऽ ना छठी माई...
छठ के गीत

कन्हैया प्रसाद रसिक जी के लिखल छठ के गीत

तन बा बिदेश मन गाँवे बा ए माई रहि रहि याद आवे छठ के पुजाई ।। उखिया शरीफा फल दउरा लेके माथे चलल रहि रहि याद आवे...
लाल बिहारी लाल जी

लाल बिहारी लाल जी के लिखल भोजपुरी गीत दीया खुशी के जलाव

घरे-घर खुशियां मनाव, दीया खुशी के जलाव घरे-घर खुशियां मनाव, बात अब ई फइलाव धरा बचावे खातिर बबुआ, अब त तूआगे आव अब ना छोड़ बम पटाखा,...
कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक जी

कन्हैया प्रसाद रसिक जी के लिखल भोजपुरी गीत जिनिगी

जिनिगी जंग ना ह जे जीतल जाव जिनिगी पतंग ना ह जे खिंचल जाव जिनिगी त दरिया के बहत पानी ह एह से सुनर समाज के सिंचल...
जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी जी के लिखल भोजपुरी गीत कवन नजीर देहलु गोरिया

हहरे मोरे हियरा के पीर करेजवा चीर देहलु गोरिया । काँपे लागल सभके जमीर कवन नजीर देहलु गोरिया । गउवाँ के घरवा न लगे मनसायन ढ़ोल मजीरा भूलल, भूलल...
बोलिया पपीहरा के: गुड़िया पाण्डेय

बोलिया पपीहरा के

सुने खातिर बोलिया पपीहरा के हो बालम लेई चल$ गाँव में,निमिया के छाव में... सुने खातिर बोलिया कोइलिया के हो बालम लेई चल$ गाँव में,निमिया...
डॉ. हरेश्वर राय जी

हरेश्वर राय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी गीत

मन उदास बा सुक्खल नदी जस मन उदास बा । चाँद जस आस में लागल बा गरहन, सपना के पाँखी प घाव भइल बड़हन, डेगे डेग पसरल खाली पियास बा। आँखी के बागी...
जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी जी के लिखल भोजपुरी गीत देवता

नाहीं उठेला जिनिगिया के भार देवता । जोरिहा हमसे पिरितिया के तार देवता ॥ नइहर छूटल, छूटल सासु के दुवारिया कतहूँ न इंजोर लउके सगरों अन्हरिया बाझल जिनगी...
जलज कुमार अनुपम

भोजपुरी गीत पुरुवा बेयारवा हो राम आइल बा घर से

पुरुवा बेयारवा हो राम आइल बा घर से मनवा हो उखरल लागे अब त शहर से माई के आशिष लेले मेहरी के बाच बायन मनवा कचोटत काहे...
डाॅ पवन कुमार

डाॅ पवन कुमार जी के लिखल भोजपुरी गीत इहे बा जिनिगिया

हमनी किसनवन के इहे बा जिनिगिया इहे बा जिनिगिया हो ना । जाड़ घाम बरखा सहि-सहि दिन रतिया खूनवा जराइके कराइले नू खेतिया आसरा लगाइके...