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भोजपुरी कथा-कहानी

धनंजय तिवारी जी

धनंजय तिवारी जी के लिखल भोजपुरी कहानी ट्रैन

ठीक रात के नौ बजत रहे जब रजत स्टेशन पहुँचले। उनका जवन ट्रैन पकडे रहे उ सामन्यतः समय से ही आवे। माइक पर ट्रैन...

आकाश कुशवाहा जी के लिखल भोजपुरी कहानी मदारी

आज कचहरी के दिन रहल, सबेरे के निकलल साँझ के घरे अइला के अब त आदत बन गइल रहल इंजीनियर रामबाबू के। दुआरी पर उनकर...
सरोज सिंह

सरोज सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा नवका च्चा

आज बाबूजी गीता के स्कूल से छुट्टी करा के के गांवे ले जाए के तैयारी में जुट गईलन ..पुछला पर कि,'काहें बाबूजी, हमनिका काहें...
सर्वेश तिवारी श्रीमुख

दो बैलों की कथा

झूरी के दू गो बैल थे, हीरा और मोती। मोती बड़ा सज्जन बैल था, झूरी उसकी नाद में जो डाल दे, वह उसी को...
chandan kumar singh

भोजपुरी लघु कथा : ससुरारी – चन्दन कुमार सिंह

नया पायेट-सर्ट, सेंट गमकउआ, काँधे पर गमछा बाबाधाम आला, गोर में चमड़उआ जूता अउर मुँह में पान चबात, पिच-पिच थूकत जब झुना भाईवा घर...
Dr. Gorakh parsad mastana

भोजपुरी लघुकथा एक कटोरी भात

माई के तेयाग तपस्या होला ओकरा के लिखल समझल भा बुझल बढ़ा भरी काम हा। ना जानी केतना किताब पर किताब लिखाइल होई। नव...
सुधीर पाण्डेय

हरिजन एक्ट

"का रे भगेलुआ, बाज़ारे चलबे" दीना पण्डित कहले, सांझ के 4 बजे के बात ह, हाथ मे झोरा लेहले, दीना पाणे, बाजार करे निकलले त,...
चन्दन कुमार सिंह

अबे ले माई के लगे रहेनी

दूगो लंगोटिया इयार ढेर दिन बाद एक दूसरा से मिलल लोग, बाते बात में एगो दोस्त दोसरासे बस जाने खातिर पुछले"का इयार तहरा...
चन्दन कुमार सिंह

अकबर बीरबल के कहानी

सम्राट अक़बर के दरबार मे नवरतन मे से एगो बीरबल भी रहले, बीरबल बहुत बुद्धिमान रहले। एक दिन अकबर सोचले की आज भरल...
चन्दन कुमार सिंह

ना चाही हमरा ई पैकेज

ई पिछले साल के बात ह, हमहुँ दिळी से दिवाली आ छठ पूजा तक के छुटी लेके घरे पहुँचल रहनी, बड़ा बढ़िया लागत...
धनंजय तिवारी जी

परदेसिया

परदेसिया“ट्रेन के का पोजीशन बा” बलराम व्यग्रता से पूछले. “बाबूजी ट्रेन त एक घंटा लेट बिया.” बलराम के बेटा रमेश जबाब देहले. “एहिजा एक घंटा लेट...
हिमांशु भूषण पाण्डेय

सीवान के बुढ़िया माई

सीवान के बुढ़िया माई - सबकर मनोकामना पूरन करे वाली माईसीवान के ऐतिहासिक गांधी मैदान के उत्तर-पुरुब की ओर जाये वाला रास्ता में स्थापित...
देवेन्द्र नाथ तिवारी

सेमर के फूल

एगो छोट बच्ची के दुआरे प एगो सेमर के विशाल गाछ रहे. ओह घरी इहे बसंत के महिना चलत रहे. सेमर के फूल दिन...

तिरिया-चरित्तर

तिरिया-चरित्तर की बारे में तS बहुत सुनले होखबी सभे। आईं सभे हमहुँ रउआँ सब के एगो कथा सुना दे तानी।एगो गाँव में बुधु नाव...
सत्येन्द्र शुभम

जाड़ के मजा

जाड़ के मजा जाड़ा के दिन त गरीब खातिर जान लेवा होला लेकिन एह मौसम के एगो अलगे आनन्द भी होला | चारो ओर...
अजीत कुमार तिवारी

चहेटना चलल ससुरारी भाग – १

एक बार भईयवा हमार( सगा त केहु नईखे बाकि केहु भी ए जगहा पर अपना के हमार भाई समझ सकेला) ससुरारी चलल, माघ...
सखी: भोजपुरी कहानी

भोजपुरी कहानी: सखी

खेदारू के बिआह फूला संघे बड़ी धूमधाम से भइल। बिदाई के बेरा फूला के माई-बाप, भाई-भउजाई, चाचा-चाची सभे उदास रहे। फूला के सखी चमेलियो...
भोजपुरी लघुकथा "पोसपूत" के लेखक संतोष पटेल जी

भोजपुरी लघुकथा “पोसपूत”

लाल बाज़ार के बड़का कूड़ाघर के लगे मेहरारुन के भीड़ लागल रहे, कूड़ा में फेंकल एगो जियत बच्चा के देखे ला. जवन रोअत रहे....
भोजपुरी लघु कथा पकडुआ बिआह

पकडुआ बिआह

"राजा तोहरा रास्ता से हट जाएब, गाडी के निचे जा के कट जाएब "- चिठ्ठी के पहिले लाइन में इहे लिखल रहे. संजय चिठ्ठी...
भोजपुरी लघु कथा "बयान"

भोजपुरी लघु कथा “बयान”

कहवां पोस्टिंग बा तोहार - जाँच अधिकारी ताराचचंद से तनी कडियल आवाज में पुछ्लेंचिल्ड्रेन वार्ड में - तारा चंद नेवरे होखत बोललें.तोहरा के...

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