भोजपुरी भाषा के संवैधानिक दर्जा के लिए धरना सम्पन्न

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भोजपुरी भाषा के संवैधानिक दर्जा (भोजपुरी जन जागरण अभियान) के लिए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पटेल के नेतृत्व में 15 नवम्बर 2016 को एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बिहार विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभागाध्यक्ष डा० जयकान्त सिंह ‘जय’ ने किया। इस धरना में देश भर से भोजपुरी प्रेमी शामिल हुए।

बताते चलें कि भोजपुरी भाषा बोलने वालों की संख्या लगभग पच्चीस करोड़ है। इस भाषा को सिर्फ बिहर यूपी झारखंड छतिसगढ़ आदि राज्यों मे ही नही वल्कि भारत के बाहर भी लगभग चौदह देशों मे बोली जाती है। इतने समृद्धिशाली भाषा को मारीशस एवं नेपाल में दर्जा प्राप्त है परन्तु यह दुर्भाग्य की बात है कि भोजपुरी आज तक अपने ही देश में भारत के संविधान में आज हक अपना स्थान नही बना पाई।

विदित हो कि भोजपुरी भाषा मान्यता आंदोलन (भोजपुरी जन जागरण अभियान) देश भर में भोजपुरी भाषा एवं साहित्य को लोगों तक पहुँचा रहा है तथा भोजपुरी के वास्तविक पहचान को लोगों के बीच लाने का काम कर रहा है। साथ ही भोजपुरी भाषा के संवैधानिक दर्जा के लिए लगातार जागरुकता अभियान एवं धरना प्रदर्शन कर रहा है। इस क्रम में अभी तक दिल्ली के जंतर मंतर पर चार बार धरना दे चुका है और पाँचवाँ धरना का आयोजन 15 नवम्बर को किया था। इस धरना में देश भर से भोजपुरी प्रेमी, कवि साहित्यकार, लेखक, अभिनेता, लोकगायक/गायिका, विद्यार्थी एवं बुद्धिजीवियों ने भाग लिया तथा आवाज बुलन्द किया। इस धरना में बिहार से महामंत्री अभिषेक भोजपुरिया, विश्वनाथ शर्मा, मुजफ्फरपुर से डा० जयकान्त सिंह जय, सिवान से कृष्ण कुमार सिंह, झारखंड से राजेश भोजपुरिया, चम्पारण से तैयब हसन ताज, आरा से फिल्म अभिनेता सत्यकाम आनन्द, ओ पी पाण्डेय, गाजियाबाद यूपी से जे पी द्विवेदी, प्रकाश पटेल जी, दिल्ली से रंग श्री के हेड रंगकर्मी महेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रमेन्द्र सिंह, लालबिहारी लाल जी, डा० मनोज कुमार सिंह, धनन्जय सिंह, देवेन्द्र कुमार, रंगकर्मी संजय ऋतुराज, अभिषेक कुमार, राजीव रंजन राय, दीपक ज्योति, उपासना समय के सम्पादक पी एन श्रिवास्तव, आकाश न्यूज से बी आर मौर्या, छात्र संसद के संपादक रितु श्रीवास्तव आदि ने अपनी बात रखी।

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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