निर्देशक को अपना गार्जियन समझाता हूँ – राकेश मिश्रा

rakesh mishra
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“प्रेम दीवाने, एक लैला तीन छैला, इश्कवाज, जान तेरे लिए, दिल है की मानता नही, धर्म के सौदागर आदि कई सफल भोजपुरी फिल्म के नायक राकेश मिश्रा इन दिनों निर्माता निर्देशक रवि सिन्हा की नई फिल्म सन ऑफ बिहार में व्यस्त है। राकेश मिश्र के साथ हुई के प्रेस वर्ता में हुई बातचीत के कुछ अंश :

पिछले दिनो आपके द्वारा अभिनित दो फिल्मो” दिल है की मानता नही, धर्म के सौदागर” काफी सफल रही, लोगो का भरपूर रिस्पोंस मिला आप कैसा मह्सुश कर रहे है।
ऑफकोर्स…मेरी ये दोनों फिल्मे सफल रहीं, दर्शक ने इन्हें भरपूर प्रातिसाध दिया, जिसके लिए अपने तमाम दर्शको का आभारी हूँ, रही बात मासुस करने की यकीन अपनी इन फिल्मो की सफलता पर बहुत ख़ुशी मह्सुस कर रहा हूँ.जो की वाजिव ही है। भले ही मोदी जी के नोटबंदी वाले महौल से लोगो को थोड़ी परसानी हो रही है लेकिन दर्शको ने इन फिल्मो के प्रति दिलचस्पी दिखाई, यह बहुत बड़ी बात है।

इन दिनों आप निर्माता निर्देशक रवि सिन्हा की फिल्म “सन ऑफ बिहार “कर रहे है यह किस तरह की फिल्म है ?इसका मुख्य विषय क्या है।
जी निर्माता निर्देशक रवि सिन्हा की फिल्म “सन ऑफ़ बिहार” इन दिनों निर्माधीन है जिसमे मेरे आलावा विराज भट्ट, मोनालिसा व् अंजना सिंह की भी मुख्य भूमिकाये है। इसमें मूलतः बिहार के बिरासत को दर्शाया गया है यह अन्याय और अत्याचार के खिलाप संवाद कसी हुई है एक्शन के साथ इसमें रोमांस ,कॉमेडी आदि भी कुल मिलाकर यह सार्थक मनोरंजक फिल्म है। जिसका विषय अनोखा है, उम्मीद है की दर्शक इसे आवश्य पसंद करेंगे यह फिल्म आगामी २०१७ में प्रदर्शित होगी।

अपने कैरियर को लेके आप कैसा महसूस कर रहे है?
यु तो मेरा कैरियर ठीक ही ठाक चल रहा है, मेरी निरंतर कोशिश रहती है की अपने प्रतेक फिल्म और प्रतेक भूमिका में नया करूं। इसिलिए मैं प्रतिदिन वर्क आउट करता हूँ। जिसमे कुछ न कुछ नया सिखने को मिलता है, मै भोजपुरी फिल्मो में कुछ नया और अच्छा करने के चाहत लेकर आया हूँ इश्वर के कृप तथा दर्शक के स्नेह और प्यार से अच्छा ही हो रहा है। मै अपने निर्माता और निर्देशकों प्रति भी आभारी हूँ जो मुझे बेहतर काम करने का मौका दे रहे है निर्देशक को अपना गार्जियन समझता हूँ।

भोजपुरी के अन्य फिल्मो पर आपकी क्या विचार धरा है ?
वैसे तो कई निर्माता और निर्देशक अच्छी फिल्मो के निर्माण की और अग्र्ह्सर है मेरा मानना है की लेखको को नये विषयों पर काम करना चाहिए, ताकि इस भोजपुरी इंडस्ट्री को श्रेय हो सके और हम सभी अन्य क्षेत्रीय सिनेमा के साथ कदम मिलाकर चल सके। फिल्मे मल्टी प्लर्क्स में भी चले सके और ज्यदा से ज्यदा परिवार हमारी फिल्मे देखे,यही मेरी अकांक्षा है।

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