मनोरंजक है “करे ला कमाल धरती के लाल”

0
490

कुमार विकल द्वारा लिखित-निर्देशित और डॉ. यू.एस. प्रसाद निर्मित, प्रसाद फिल्म इंटरप्राइजेज के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म “करे ला कमाल धरती के लाल” मुंबई और गुजरात के सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। यह पहली भोजपुरी फिल्म है, जिसमें भगवान बुद्ध के संदेशों पर प्रकाश डाला गया है, उस पर अमल कर शांति प्राप्त करने का संदेश दिया गया है। इस अर्थपूर्ण फिल्म में उदय शंकर ने एक बौद्ध भिक्षु की यादगार भूमिका निभायी है। शीर्षक भूमिका में पवन सिंह ने सचमुच कमाल का काम किया है। पवन के चरित्र के बहाने शिक्षित युवकों को ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ उन्मुख होने की भी सीख दी गयी है। पवन की प्रेयसी के रूप में मोनालिसा ने भी अच्छा काम किया है। पुलिस ऑफिसर सचित कुमार की जोड़ी अंजना सिंह के साथ है, तो अक्षरा सिंह लेडी गैंगस्टर के रूप में प्रभाव जमाती हैं। गैंगस्टर के रूप में किसी अभिनेत्री को पहली बार ही किसी भोजपुरी फिल्म में देखा गया। ममतामयी मां के रूप में पुष्पा वर्मा ने स्मरणीय भूमिका
निभायी है।

“करे ला कमाल धरती के लाल” में मनोरंजन का भी पूरा मसाला है। विनय बिहारी के लिखे गीतों को राजेश गुप्ता ने अच्छी धुनों में बांधा है। कानू मुखर्जी और रिक्की गुप्ता के नृत्य निर्देशन सामान्य भोजपुरी फिल्मों से बेहतर हैं। प्रमोद पांडेय का छायांकन बहुत अच्छा है। बृजेश त्रिपाठी, आनंद मोहन, समर्थ चतुर्वेदी, पूजा राय, शकीला मजीद, के.के. गोस्वामी प्रमुख सहयोगी कलाकार हैं। सीमा सिंह का आईटम गीत दर्शकों को पसंद आ रहा है। कुल मिलाकर कुमार विकल की यह फिल्म भरपूर मनोरंजन करती है।

मनोरंजक है “करे ला कमाल धरती के लाल”

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

Please enter your comment!
Please enter your name here

fourteen − 9 =