इतराइल बा

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उ ओतने में इतराइल बा
पीएच- डी कर के आइल बा

हम साँच बात जे कह देनी
ऊ हमरा से खिसिआइल बा

भऊजइया चपत लगइलस का
मुहवाँ काहे मुरझाइल बा

बन भइल कमीसन जे दिन से
मन ओ दिन से मरुआइल बा

पत्नी भागल, भागल बाकिर
ऊ अपने कहाँ लुकाइल बा

जे जेतना में बाते मिर्जा
ऊ ओतने में अझुरालाइल बा

(कवि मिर्ज़ा खोंच (भोजपुरी औरी उर्दू के मशहूर कवि जिनकर असली नाम मोहमंद गाणी ह. अपने के मंच के अगो सफल कवि बनी. लगबग ७० साल के उमिर के मिर्ज़ा साहेब के भोजपुरी व्यंग के रासायनिक अवतार कहल जला. इहाँ के पश्चिमी चंपारण के बेतिया के नया टोला वासी बनी. बेतिया के गुलाब मेमोरिअल कॉलेज में सहायक के पद पर कम करे वाला कवि मिर्ज़ा भोजपुरी के कविता औरी आलेख के बेवाक कवि आ लेखक बानी)

स्रोत: संतोष कुमार, संपादक : भोजपुरी जिंदगी

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

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