पीके (PK)

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नबीन कुमार 'भोजपुरिया'
नबीन कुमार ‘भोजपुरिया’
एह सिनेमा के बारे मे हम पिछिला एक साल से सुनत आ पढत बानी , कबो आमिर खान भोजपुरी बोलिहे त कबो भोजपुरी के ट्युसन करत बाडे त कबो लंगटे वाला फोटो त कबो लिट्टी चोखा खाये के ले के परचार , त कबो भोजपुरी मे ट्वीट करे के कोशिश , माने सब मिला के आमिर खान अपना एह फिल्म के मिडिया आ लोगन खाति चर्चा के विषय बनवा के रखले रहले ह ।

कान उंच फडफडात आंखि के पथर छार्रा लेखा बहरी परी निकलल , रंग बिरंग के कुर्ता , टाई बटन के पहिरले माने शुरुवाती जानकारी मे आमिर खान के इमेज जवन लउकल उ उजबुक , बुरबक , सोझबक के लागत रहे , जब लंगटे रेडियो धई के रेलवे लाईन प तीन्ना देखल आदमी त ई कबो ना लागल कि केहु के धरती खाति नया जनम ह बलुक ई लागल कि एह फिल्म मे फुहरपन होई ।

भोजपुरी मे उनुकर ट्वीट आ ट्रेलर टीजर देखि के इहे लागल कि बकियवा लेखा इहो फिल्म भोजपुरी के इमेज के बाउर देखावे के कोशिश कई रहल बिआ । दु दिन से धर्म के अखाडा वाला लोगन के टीवी प कुदत देखनी ह त हमरा इहो लागल कि हो सकेला अपना के हिट करे खाति कही सनातन , त कही इस्लाम त कही इसाई त कही सिख त कही पारसी त कबो जैन बौद्ध आदि प हमला त नईखे नू ? ओ माई गाड के नकल त ना नू ह ? आ अईसने कुल्हि विचार ले के कुछ नकारात्मक कुछ सकारात्मक विचार ले के हम फिल्म देखनी ह ।

असल मे फिल्म के सबसे बरिआर बात बा आमिर खान के अभिनय शैली ओकरा पाछे के मेहनता चाहे ऊ लगान होखे , थ्री ईडियट होखे भा अउरी जवन भी हिट भा फ्लाप मुवी होखे , आमिर खान के हर सिनेमा के सबसे खास बात ह कि ओह सिनेमा के किरदार के पाछे के मेहनत जवन कि पी के मे भी साफ साफ लउकल ।

किरदार के हाव भाव पहिनावा संवाद अदायगी प बहुत बरिआर मेहनत भईल बा बाकि भाषा प ओतना नईखे भईल जतना होखे के चांही , जवना के शोर रहे । खैर फिल्म भोजपुरी मे नईखे एह से हम बहुत ज्यादा डिमांडिंग नईखे बाकि भोजपुरी सिनेमा से नीमन भोजपुरी पी के के बोलत रउवा देखि सुनि सकेनी ।

पी के किरदार एगो सीधवा आदमी के बा जेकरा इचिको कल छपट साम दाम दंड भेद नईखे मालूम उ त भगवान के चढावा के भी मजदुरी भा फीस बुझत बा , अब एह सोच के सीधवा ही कहल जा सकेला बुरबक भा उजबुक ना आ एह सिनेमा के बनावे वाला लो के सोझा सबसे बड प्रश्न इहे होई कि आखिर पी के के भाषा का होखे के चांही ?

त पी के भाषा सरल सहज होखे , बेसी से बेसी लोगन तक पहुंचे वाली होखे , ओह भाषा मे क्लिष्टता भा जबरजस्ती के पवित्रता अपवित्रता जनि भरल होखे , सोझ सरल सपाट होखे आ ओह लो के सोझा कई गो भारतीय मातृभाषा मे भोजपुरी लउकल , आ ई सही भी बा कि भोजपुरी मीठ भाषा ह जवना के असर लाठी लेखा होला आ इहे वजह बा कि आमिर खान के पी के प कुछ धर्म गुरु लो बउरईला लेखा भईल बा ।

एगो सीधवा इंसान ओकरा के मानवर कहि भा जानवर कहि भा एलियन कही भा जादू कही भा पी के उ धरती प अईलस , सरल सहज सटीक अंदाज मे अपना भाषा अपना अभिनय अपना पहिनावा से बहुत बडहन मैसेज दे के चल गईल आ एह धरती जवना के उ गोला कहत बा , झुठ बोले के सीखि के गईल । हमरा कबो कबो लागत बा कि ओ माई गाड के असर धर्म गुरु प एह से बेसी ना भईल कांहे कि ओकर भाषा तनी आजू के सो काल्ड शुद्धता के ओर रहे जबकि पी के के भाषा माटी के खांटी भाषा के चासनी मे डुबल बडुवे ।

आमिर खान आ हिरानी के ई भाषाई असाधारण प्रयोग जनमानस प का असर छोडी ई त भविष्य के गर्भ मे बा बाकि एगो बात जरुर हम कहि सकेनी कि भोजपुरी के नाव प बालीउड के फिल्म अब 200 करोड आराम से कमा सकेली स ।

एगो बढिया फिल्म सब केहू के देखे के चांही , एह फिल्म के भाषा के ले के ढेर पैनिक भईला के जरुरत नईखे , काहे कि एह फिल्म के भाषा ओह भोजपुरिया के देखा रहल बिआ जवन बेचारा अपना गांव के प्राईमरी स्कुल मे ई पढले बा कि ओकर मातृभाषा हिन्दी ह राष्ट्र भाषा हिन्दी ह , भोजपुरी खलिहा गंवार देहाती लोगन के बोली ह , आ एहि डर से कक्षा ५ के बाद उ स्कुल छोडि देले बा आ ओकरा 8-10 बरिस बाद उ दिल्ली भा बम्बे कमाये जात बा , बालीउड आ भोजपुरी के सिनेमा देखि हिन्दी बतियावे के असफल कोशिश करत बा आ कुछ उहे हिन्दी आमिर खान पी के से बोलवावत बाडे । आमिर खान के मजबुरी बा कि भाषा के सहज सरल सटीक राखि के राजस्थान से बिहार बंगाल ले पहुंचे के बा आ हमरा नजर मे उ सफल बाडे ।

— नबीन कुमार ‘भोजपुरिया’ के फेसबुक वाल से

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