महान सम्राट अशोक की 2358वीं जयंती

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दी बुद्धिस्ट सोसायटी आॅफ इण्डिया, अशोक फाउंडेशन, समता सैनिक दल एवं अखिल भारतीय सम्राट अशोक विचार मंच के तत्वधान में महान सम्राट अशोक की
2358वीं जयंती अम्बेडकर भवन, दारोगा राय पथ पटना में मनायी गयी। समारोह का उद्धाटन सम्राट अशोक के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूर्व डीजीपी मा0
गंगा प्रसाद दोहरे एवं अशोक फाउंडेशन के अध्यक्ष निरंजन कुशवाहा ने किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री दोहरे ने कहा कि सम्राट अशोक के नितियों एवं सिद्धातो को अपनाकर ही हम समाज में शांति एवं भाईचारे की स्थापना कर सकते हैं। निरंजन कुशवाहा पप्पू ने कहा कि सम्राट अशोक के विचारों को गाँव-गाँव तक पहुँचा कर फिर से नैतिक जागरण की आवश्यकता है।

समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दी सहित्य सम्बेलन के अध्यक्ष अनिल सुलभ ने कहा कि हमें अपने पौराणिक मूल्यों एवं धरोहरों को फिर से संयोजित करने की
आवश्यकता है। हम अपने महान पूर्वजों के स्थापित मार्ग से विचलित हो गये है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए दी बुद्धिस्ट सोसायटी आॅफ इण्डिया के प्रदेश
अध्यक्ष श्रीनाथ सिंह बौद्ध ने कहा कि महान सम्राट अशोक तथाग्त बुद्ध के धम्म को अपनाकर चण्डाशोक से विगताशोक बन गये, यदि हम उस मार्ग को अपने जीवन में उतारते है तो भारत फिर से विश्व गुरू की भूमिका में आ सकता है।समारोह को पूर्व मत्री बसावन भगत बी0एन0 विश्वकर्मा, ब्रजकिशोर सिंह कुशवाहा, कमल प्रसाद बौद्ध, विशुनदेव महतो, अभिमन्यु सिंह भंते ज्ञान कृति, डा0 शुशीला करूनाकर, विश्वमोहन संत, संजय भूषण आदि प्रबुद्ध लोगों ने भी सम्बोधित किया।

उक्त अवसर पर उपस्थित जन समूह ने सर्व सम्मति से 9 प्रस्ताव पास किये जिसमें बेली रोड़ में नवनिर्मणाधीन संग्रहालय का नामकरण सम्राट अशोक के नाम करने की माँग प्रमुख है।

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