लेखक अवुरी कवि लोगन से निहोरा

केवनो समाज के बिकास खातिर कवि आ लेखक लोगन के बहुत बड़ जोगदान रहेला जे कि समाज के आईना देखावे के काम करेला। भोजपुरी समाज आ भाषा के बिकास खातिर इंहा लोगन के जोगदान आ सहयोग के बड़ा जरुरत बा।

एह से टीम जोगीरा रउरा सब से इ निहोरा करत बा कि भोजपुरी के आपन रचना हमनी के भेजीं ताकि हमनी के ओकरा के अपना वेबसाइट प डाल के सबका सोझा राखीं जा आ भोजपुरी, भोजपुरी समाज अवुरी भोजपुरी साहित्य के बारे में समाज में नेह आ लगाव बढ़ावल जाव।

रउरा लगे भोजपुरी में लिखल किताब, कबिता, काथा, नाटक, लेख, गीत, केवनो छपल रचना पर आपन राय, व्यंग अवुरी भोजपुरी साहित्य के केवनो बिधा होखे भेजीं। हमनी के बहुत खुशी होइ की हमनी के राउर रचना के जोगीरा के वेबसाइट प डाले मौका मिलल।

जोगीरा डॉट कॉम के लगातार कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से रउरा सभे से निहोरा बा की “जोगीरा डॉट कॉम” से जुड़ी आ आपन भासा भोजपुरी के आगे बढ़ावे में टीम जोगीरा के मदद करीं।

रउरा आपन रचना भेजे के बेरा कुछ बात के ध्यान राखेब:

  1. आपन रचना रउरा ईमेल ([email protected]) भा व्हाट्सप्प से भेज सकेनी आ ओकरा साथे आपन फोटो, आपन परिचय आ फ़ोन नंबर भी जरूर भेजीं। ईमेल में जरूर बतायी की रउरा रचना के बिधा का ह, जइसे राउर रचना कविता ह, कहानी ह, व्यंग ह कि का ह।
  2. रचना के प्रकासन के अधिकार रउवा लगे होखे के चाहीं।
  3. ई वेबसाइट केवनो लाभ खाती नईखे चलत आ ना हमनी के लगे कउनो वित्तीय सहायता बा एह से हमनी के कवनो सहायता राशि देवे में असमर्थ बानी जा।
  4. रउवा कउनो रचना भा फोटो से आपत्ति होखे तऽ कारन के संगे हमनी के ई-मेल करीं । एक हप्ता के भीतर रचना भा फोटो हटा दिहल जाई।

राउर आपन टीम जोगीरा