Tags डा.रबि भूषण प्रसाद चौरसिया

Tag: डा.रबि भूषण प्रसाद चौरसिया

जिन्गी तराजु हऊवे

जिन्गी तराजु हऊवे, सुख दुःख जोखेला। सुखवेके जेतना प्यार, एके दुखवोसे होखेला। कबहु एने कबहु वोने पलडा झुले। कबहु लागे बन्धु डण्डीयाँके तुरे।। हँसीके फुही फाही ,गमके सागर...

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