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देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी कविता

कवन बात हम सीखीं -------------------------------- केकरा से जीनीगी के बात हम सीखीं। भईल समाज कनईल के फेंड़, उगल बा सगरो बेवहार के रेंड़। संस्कार के जलकुंभी हरिआता, चारो देने खाली...

कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के लिखल कविता फटक के लऽ फटक...

बोलत नइखीं त बुझतारअ की सबसे लमहर घाँक बा ताहरा कवनो गरजे नइखे त हामरा कवन ताक बा काम निकल जाला तहिये से गिरगिट नियन बदल जालअ राम राम सुनला...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता कईसन बिधना के...

कईसन बिधना के रीत समय अईसने बा बहकि जाला केहु, तनीए सा मिलते सहकि जाला केहु। चाहला प तनिको मिलल ना जवन, छनही में काहे बमकि जाला केहु। बिधना...

विनोद भोजपुरीया जी के लिखल एगो भोजपुरी कविता

जिनगी के सपना सगहि सजावेली।। दिनभर हसेली हमके हॉसावेली ।। होखेला हमनी भले तकरार हो ।। हमार बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो।। भुखाइल -पियासल जब घरवा...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

मुरारी कहां भेंटईहें भरल बाडे़ दुशासन सगरो चीर कहां से अईहें, करीं अरज कर जोडि़ के मुरारी कहां भेंटीहें। डेगे डेगे चीर खींचाता द्रौपदी के लाज के, भीष्म बनि देखतरुए ई दुनिया...

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता तोहार शहर से अच्छा...

तोहार शहर से अच्छा मोरा गाँव $$$ तोहर शहर से अच्छा मोरा गांव $$ बा कुईया के ठंढा पानी 2 अउर पिपरा के छाव बा तोहार शहर...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता हम भोजपुरीया

दुखवा कलेसवा में हिमत ना हारीला, सुखवा में कबो ना धाधाईं भोजपुरीया। सभके हो सुख चैन इहे हम मनाईला, दोसरा के दुख के संघाती भोजपुरीया। महला दुमहला के...

सौरभ कुमार जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता आ गीत

प्यार ना करती जानती की तू बेवफा बनबू ता प्यार ना करती दिल के धड़कन ना बनाईती ताहरा पर ना मरती हमरा मन के चमन में बसल...

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता रे माई

तोहरा से मिलल ई सास तोहरे से मिलल ई जीवन रे माई, तोहरे से ई सब रिश्ता तोहरे से जुडल ई तन-मन रे माई, दुनिया ता...

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता बेटी

तुही ता हमार ताकत होउ ये माई हमरा के कोखिये में मत मारा ये माई आइब एह दुनिया में तोहर नाम रौशन करब दुःख दर्द सहब केहू...

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार, जोना में जान त बा बाकिर बेजान बा बिहार।। भोजपुरी भोजपूरी सब चिल्लाता, कहा से मिली भोजपुरी के मान्यता।। जे ज्यादा पढ़त...

शशिकान्त पाण्डेय जी के लिखल चार गो भोजपुरी कविता

रोज रोइला चिल्ला के करीबी ह सुन के दहाड़ के बाकी हम का करि हो समझ ना पाई छुपल हरकतवा के रिश्ता के...

विबेक कुमार पांडेय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता

हम ना जननी कि अइसन जुटान होइहें माई भाखा में गंगा असनान होइहें सभ चेहरा खिलल बा रंगे प्यार से सभे गले मिल रहल बा दिली...

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

लइकन सबके कविता पढ़ावल जरूरी बा पथराइल आँखन में गंगा बहावल जरूरी बा दिलन के दरार के दूरी मिटावल जरूरी बा I परदा के पीछे...

तारकेश्वर राय जी के लिखल तू कलाकार बिघना, हमहू कलाकार

कलाकारी से हमरा नियर इंसान तू गढ़ल | इंसान के गढ़ गढ़ तू सृष्टि में आगे बढ़ल || बिघना के इ कलाकारी देखी | नर मादा के...

संजय कुमार मौर्य जी के लिखल चार गो भोजपुरी कविता

ईमान सबका लगे ईमान सबका लगे ओरा गइल बा लाज कवनों ठंइया हेरा गइल बा अब केहूए त झण्डा उठइबे करी अनीति से करेजवा पीरा गइल बा ई देश,...

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कविता नारी सम्मान

शक्ती के स्वरूप से, नारी के पत्वारी बा! एकरा के कमजोर मत समझअ, ई देश-दुनिय पे भारी बा! सब के हित मे सोचे, ई नारी के शुबिचारी बा! जे ममता...

संजय कुमार मौर्य जी के लिखल तीन गो कविता

यह सभी रचनाएं भोजपुरी काव्य संग्रह आखर आखर जिंदगी से लिया गया है जिसके रचनाकार संजय कुमार मौर्य जी हैं। नाव लेके मिटा देला केहू नाव...

माई क इज्जत

बोले वाला भोजपुरी हई | ई बोली गर के माला ह || नेह से बोलब त पूड़ी मिठाई | फूहड़ गवईया खातिर भाला ह || जनमते सुनली इहे...

देवेन्द्र कुमार राय जी के कुछ भोजपुरी रचना

भोजपुरी कविता भोजपुरीया के ठाट भोजपुरीया जब प्रेम से बोले हर बात लागे मधुआईल, आवते भोजपुरीया के ताव में हर बतीए लागे बघुआईल।। भोजपुरी के चले जब गोला सभ...