Home Tags भोजपुरी गीत

Tag: भोजपुरी गीत

कान छोड़ दे हमहुं हो गइलीं सेआन रे माई

रहलीं लइका त नोचलीस तेहुं कान रे माई कान छोड़ दे हमहुं हो गइलीं सेआन रे माई। देखि देखि हँसतारे गँउवा के लोगवा कान...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

ननदो हमार हई घरवा के चान हो पियवा के हमरा ई जिया के परान हो, ननदो हमार हई घरवा के चान हो। झुमुकी झुमुकी जब घुमे...

लाल बिहारी लाल जी के लिखल भोजपुरी गीत सांवरिया

स्त्री स्वर- सांवरिया आ जइतs एक बार अंखियाँ कब से राह निहारे, नैना तड़से हमार सांवरिया आ जइतS एक बार.... पानी बिन मछरी के जइसे, तड़पी रोज पिया तोहरे...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत चाहत के गीत...

प्यार कईले रहीं उ भेंटाई कि ना, जवन सोचले रहीं उ बताईं कि ना। रात दिन जवना मूरत खोजत रहीं अपना भावना के फुलवा से पूजत रहीं, एह...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी गीत आ...

महंगाई महंगाई अईसन कईले बा बेहाल कि नुन रोटी हो गईल मोहाल। माई के दूध सुखल बचवा के अतडी़ हमरा कमासुत के झुरा गईल गतरी, आगे बुझात नईखे होई...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत बात समझ ना...

किस्मत से निकल के का आईल ई बात समझ ना पाईले, जहवां जहवां कुछ आस दिखे ओह ओर खीचल चलि जाईले। सभ अन्जान भईल एहीजा केहु ना आपन...

लाल बिहारी लाल जी के लिखल भोजपुरी गीत दीया खुशी के...

घरे-घर खुशियां मनाव, दीया खुशी के जलाव घरे-घर खुशियां मनाव, बात अब ई फइलाव धरा बचावे खातिर बबुआ, अब त तूआगे आव अब ना छोड़ बम पटाखा,...

कन्हैया प्रसाद रसिक जी के लिखल भोजपुरी गीत जिनिगी

जिनिगी जंग ना ह जे जीतल जाव जिनिगी पतंग ना ह जे खिंचल जाव जिनिगी त दरिया के बहत पानी ह एह से सुनर समाज के सिंचल...

जयशंकर प्रसाद द्विवेदी जी के लिखल भोजपुरी गीत कवन नजीर देहलु...

हहरे मोरे हियरा के पीर करेजवा चीर देहलु गोरिया । काँपे लागल सभके जमीर कवन नजीर देहलु गोरिया । गउवाँ के घरवा न लगे मनसायन ढ़ोल मजीरा भूलल, भूलल...

डाॅ पवन कुमार जी के लिखल भोजपुरी गीत इहे बा जिनिगिया

हमनी किसनवन के इहे बा जिनिगिया इहे बा जिनिगिया हो ना । जाड़ घाम बरखा सहि-सहि दिन रतिया खूनवा जराइके कराइले नू खेतिया आसरा लगाइके...

सुजीत सिंह के लिखल तीन गो भोजपुरी गीत

मेडल लेवे में आगारी बेईमान,मक्कार,चोर,झूठा,घुंसखोर आउर लमहर भ्रष्टाचारी बा, लेकिन महानता आ समाजिकता के मेडल लेवे में आगारी बा। आज ले जेकरा से केहू के कवनो भलाई...

सुधर जा पड़ोसी – भोजपुरी गीत

बहुत हो गइल अब तS पड़ोसी सुधर जा सुधर जा सुधर जा हो.... तंग कर ना जन हमके बेसी सुधर जा सुधर जा सुधर जा हो.... कर...

आखिर केतना

हंसी हंसी कबले केतना बात सही हमनी दुनिया के एकतरफा घाट सही हमनी सहकल बहकल लोगवा के बा सह पर सह आखिर कबलें केतना मात...

डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना के भोजपुरी गीत ‘तीत मीठ’

केहू से हम तीत मीठ बतियाई काहे बिना कान से सुनले पतियाई काहे झूठ साँच के खेल हवे आगी जइसन बेमतलब के आपन हाथ जराई...

किरिनियाँ कले-कले कहाँ चलि जाले?

सारी सोनहुली सबेर झमका के, सँवकेरे रूप के अँजोर छिटिका के, जाये का बेर ढेर का अगुताले- किरिनियाँ कले-कले कहाँ चलि जाले? चलत-चलत बीच रहिया में हारल, दुपहरिया तेज...

देस हमार

पहिल जोति फूटे पूरुब से, भइल जगत उजियार बजे भैरवी किरन बेनु पंछी के बजे सितार माथ चढ़ावे किरन बेनु पंछी के बजे सितार माथ चढ़ावे चरन...

नाव खुले माँझी रे

पंछी चहके डेरात, कुनमुनात र्छवरा बा, फुलवा महके डेरात, गुनगुनात भँवरा बा, कुलबुलात भोर लुका, कुहरा के पहरा बा, कुहा खुल माँझी रे, नाव खुल होसियार, धार, लहर,...

आदमी

आदमी के हाथ में जब नाथ बाटे तब कवन चिंता प्रलय के साथ बाटे। उठ रहल आवाज-’’अब त हाथ रोक गोड़ में विज्ञान के अब कील ठोक ना...

कुहुकि-कुहुकि कुहकावे कोइलिया

कुहुकि-कुहुकि कुहकावे कोइलिया, कुहुकि-कुहुकि कुहुकावे।। पतझड़ आइल, उजड़ल बगिया, मधु ऋतु में टुसिआइल फुलुंगिया। इन हरियर-हरियर पलइन में, सुतल सनेहिया जगावे कोइलिया।। कुहुकि.....।। खिसिकल मधु-ऋतु, उठल बजरिया, चुवल कोंच, झर गइल...

जोगीरा के साथ जुड़ी

25,474FansLike
17FollowersFollow
329FollowersFollow

टटका अपडेट