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जगन्नाथ जी के लिखल भोजपुरी गज़ल संग्रह लर मोतियन के

ग़ज़ल, जेकरा नावे में मिसिरी मतीन मिठास बा, गुलाब अइसन गमक बा, सुबास बा, उर्दू काव्य के सबसे जनगर आ पनिगर रूप ह। आजु...

पीο चन्द्रविनोद के लिखल भोजपुरी कहानी संग्रह केरा के टुकी टुकी...

पीο चन्द्रविनोद के लिखल भोजपुरी किताब केरा के टुकी टुकी पतई जवन की एगो भोजपुरी कहानी संग्रह ह। भोजपुरी कहानी संग्रह केरा के टुकी...

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार, जोना में जान त बा बाकिर बेजान बा बिहार।। भोजपुरी भोजपूरी सब चिल्लाता, कहा से मिली भोजपुरी के मान्यता।। जे ज्यादा पढ़त...

तारकेश्वर राय जी के लिखल तू कलाकार बिघना, हमहू कलाकार

कलाकारी से हमरा नियर इंसान तू गढ़ल | इंसान के गढ़ गढ़ तू सृष्टि में आगे बढ़ल || बिघना के इ कलाकारी देखी | नर मादा के...

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी इंसानियत

घड़ी के एलारम बाजे लागल। हम हड़बड़ा के उठलीं आ बइठ गइलीं। आजे हमार बी.काम के फाइनल परीक्षा खतम भइल रहे।परीक्षा समाप्त होते भर...

डॉ. हरेश्वर राय जी के कुछ बेहतरीन भोजपुरी रचना

काहे मारेल मुसुकिया तू अइसन जनमार काहे मारेल मुसुकिया तू अइसन जनमार कइल हियरा में हमरा दरारे-दरार I मिलब त तोहके बताइब संघतिया मुंहवा में तहरा लगाइब भभूतिया तहरा...

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कविता नारी सम्मान

शक्ती के स्वरूप से, नारी के पत्वारी बा! एकरा के कमजोर मत समझअ, ई देश-दुनिय पे भारी बा! सब के हित मे सोचे, ई नारी के शुबिचारी बा! जे ममता...

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा पगली

फसल के कटाई के बाद चारो तरफ दूर-दूर तक नजर के रोक-थाम खातिर कुछो न लऊके | आपन नजर के जहाँ तक दौड़ाई उ...

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा आश

आश मनुष्य मनोवृती के अटूट शक्ती, जोन कबो आपन दम न तोडे ! आश ओह समय तक दिल मे होला. जब केहु आपन के...

दहेज प लिखल तारकेश्वर राय जी के दू गो कविता

दहेज बाप देखीं बेटा के, बोली लगवले बा | देवे वाला ख़ुशी से, गर्दन झुकवले बा || मोल भाव होता, देखीं सपना के || शान से बेचता, केहू...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

ननदो हमार हई घरवा के चान हो पियवा के हमरा ई जिया के परान हो, ननदो हमार हई घरवा के चान हो। झुमुकी झुमुकी जब घुमे...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

भोजपुरी कविता काशी धाम काशी के का कहीं कहल ना जाव स्वर्ग के समान सांच गंगा में नाव। पावन पुनीत जल एहीजे भेंटाई जीनीगी बितावे के असली ह...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत गोरी कहवां...

होली के दिन पति पत्नी में रंग के बहाने कईसे मजाक में व्यंगबाजी होता एह गीत के माध्यम से अनुभव कईल जाव:- रंगवा हरिअर गोरी...

तारकेश्वर राय जी के लिखल भोजपुरी कविता फगुवा ह फगुवा

पुरनकी पतईया, फेड़वा गिरावे | जइसे गिरहथ, कवनो खेतवा निरावे || नईकी पतइया बदे, जगहा बनावे | जायेके बा एक दिन, इहे समझावे || चईती...

रिपुञ्जय निशांत जी के लिखल भोजपुरी गीत संग्रह आवे याद बसेरा

भोजपुरी गीत-रचना के साहित्यिक संस्कार जवना गीतकारन का कलम से सुलभ होत रहल बा, ओह में रिपुञ्जय निशांत अन्यतम रहल बाड़े। अइसन विशिष्ट गीतकार...

तैयब हुसैन पीड़ित जी के लिखल भोजपुरी एकांकी संग्रह आपन आपन...

जो एकांकी आ बड़ नाटक में भेद करेला होय त साधारण मनई कह सकेला की एक अंक के नाटक 'एकांकी' आ एक से अधिक...

भोजपुरी किताब आचार्य महेंद्र शास्त्री व्यक्तित्व और कृतित्व

आचार्य महेंद्र शास्त्री का व्यक्तित्व विरल है। उनका कृतित्व भी विरल कोटि का है। यह भी एक विरल बात है की उनका सम्पूर्ण कृतित्व...

तारकेश्वर राय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता

भोजपुरी कविता फैसन के हावा बहल बा अइसन, एगो पछिमा हावा | फार के कपड़ा, पहिरल जाता नावा || कपड़ा पहिरल जाला, तन ढ़ाके के | पहिरल जाता...

तैयब हुसैन पीड़ित जी के लिखल भोजपुरी कविता संग्रह अनसोहातो

अनसोहातो शब्द के 'अ' से साइत हिंदी के अकविता भा अंग्रेज़ी के नास्टेल्जिया के बोध होय, एह से जरूरी लागता की अइसन भाव...

डॉ॰ ब्रज भूषण मिश्र जी के लिखल भोजपुरी गज़ल संग्रह अचके...

हमार अबहीं तक कवनो स्वतंत्र काव्य-संग्रह ना आइल रहल ह। सन १६८२ में दू-रंग नाम से श्री विपिन बिहारी चौधरी जी संगे संयुक्त काव्य-संकलन...