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Tag: भोजपुरी साहित्य

विमल कुमार जी के लिखल चिपकाउ बिकाउ नेता

कुरसी में चिपकाउ भइले नेता सभ बिकाउ भइले। कुरसी के तोल मोल करेले गुना भाग खूब जोड़ करेले। जितला प उ ताल ठोकले जनता के देख नाक...

विमल कुमार जी के लिखल कहाँ गइल आँगन अंगनईया

सभे चाहे एकल परिवार संयुक्त परिवार दिल में दरार दुआरा के भइल बंटाधार देख के हमरा होखला मलाल सुनर दुआरा केहु ना खिवैया कहाँ गइल आँगन...

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल बेटी बिना जियल अपमान लागेला

जइसे चंदा बिना सून आसमान लागेला ओइसे बेटी बिना जीवन सुनसान लागेला ।बेटी देबी, बेटी दुरगा, बेटी कालीमाई मीरा, सीता, गीता बेटी, बेटी लछमीबाई, जइसे गुड़ बिना...

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल भजो रे मन हरे हरे

नियरे बा फेन से चुनाव भजो रे मन हरे हरे । कौअन के होइ काँव काँव भजो रे मन हरे हरे॥पाँच साल पर साजन अइहें गेंदा फूल गले...

धनंजय तिवारी जी के लिखल तिरिया चरितर

"तिरिया चरित्रम्,पुरुषस्य भाग्यम्,दैवो न जानसि"पंडिताई एगो विशिष्ट ज्ञान ह या ना पर इ एगो मनोविज्ञान जरूर ह, इ सोच पंडित भोला नाथ हमेशा मानेले।...

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल अइसन करिह जनि नादानी

गउआँ छोड़ि शहर जनि जइह होइ ख़तम निशानी जवानी खपि जाइ बचवा, अइसन करिह जनि नादानी जवानी खपि जाइ बचवा I खेत छुटि खरिहान छुटि आ छूटिहें बाबू माई, अंगना दुअरा...

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कविता कबले होब फेल

बबुआ तू कबले होब फेल? का कहीं बहुत तोहका झेललीं, अब हम ना पाईब तोहें झेल।कइसे पढबऽ कबले पढब्ऽ। का-का पढबऽ ई समझा दऽ डागडर बनब कि...

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी आंख

प्रयाग विश्वविदयालय यूनियन पत्रिका 1962 मे हिंदी मे प्रकाशित कहानी का भोजपुरी अनुवाद।। हम येगो आन्हर मंगन हईं जे आपन पेट जियावे खातीर...

कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक जी के लिखल भोजपुरी कहानी लोहा बाबा

ए लोहा बाबा काल्ह सुमितरी खातिर लइका देखे जायेके बा रउआ चलेम नु रामदेयाल कहलन। लोहा बाबा कान पो जनेव चढ़वले लोटा लेके खेत...

जिनगी के परछाहीं – भोजपुरी कहानी संग्रह

कथा कहानी कवनो नावतुंग चीझ ना ह। आदमी जवन जी रहल बा, भोग रहल बा कहानी ओही मे से जनमेले। जिनगी...

जगदीश खेतान जी के लिखल सरस्वती बंदना

कई देतीं हमरो उद्धार ये सुरसती माई। रोई रोई करीलां मनुहार ये सुरसती माई।रउवा रामबोला के तुलसीदास बनवलीं अमर ग्रन्थ रामचरित मानस लिखवइलीं निपट गंवारे के कालीदास...

कपिल पांडेय जी के लिखल भोजपुरी दोहा संग्रह जीभ बेचारी का...

भोजपुरी दोहा संग्रह जीभ बेचारी का कही के लेखक के कलम से पिछला कुछ साल से भोजपुरी में दोहा खूबे लिखा-छपा रहल बा। भोजपुरी...

शारदानन्द प्रसाद जी के लिखल भोजपुरी किताब खेल खेलाड़ी आ ओकर...

भोजपुरी किताब खेल खेलाड़ी आ ओकर बोल के लेखक शारदानन्द प्रसाद के ओर सेभोजपुरी बिहार आ उत्तर प्रदेश के सम्मिलित ऊ क्षेत्र...

भोजपुरी साहित्य में हास्य-व्यंग्य

नूनों आ मरिचा के साथे खाके पेट भरल जा सकऽता आ छतीसो व्यंजन आ छपनों परकारो के साथे। बाकिर नून-मरिचा के साथे...

भोजपुरी में आलोचना – समालोचन: समीक्षा

भोजपुरी विद्वान सिपाही सिंह श्रीमंत जी आपन आलेख जवन अहेरी पत्रिका, 1977 में आलोचना-समालोचना -समीक्षा नाम से लिखनी ओह में उहाँ के लिखत,...

भोजपुरी साहित्य के पुस्तको की पहली प्रदर्शनी उम्मीद से अधिक सफल

बक्सर ज़िले में दुर्लभ भोजपुरी साहित्य के पुस्तको की पहली प्रदर्शनी उम्मीद से अधिक सफल रही। भोजपुरी साहित्यकारों और पुस्तक प्रेमियों की भीड़...

बक्सर में भोजपुरी साहित्य की दुर्लभ पुस्तको की प्रदर्शनी पहली बार।

२० ओक्टुबर २०१४ को दिन के एक बजे से ज्योति प्रकाश मेमोरियल लाइब्रेरी बक्सर में भोजपुरी साहित्य की दुर्लभ पुस्तको और पत्रिकाओं की प्रदर्शनी...

पकडुआ बिआह

"राजा तोहरा रास्ता से हट जाएब, गाडी के निचे जा के कट जाएब "- चिठ्ठी के पहिले लाइन में इहे लिखल रहे. संजय चिठ्ठी...

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