सुजीत सिंह के लिखल तीन गो भोजपुरी गीत

Sujit singh
Sujit singh

मेडल लेवे में आगारी

बेईमान,मक्कार,चोर,झूठा,घुंसखोर आउर लमहर भ्रष्टाचारी बा,
लेकिन महानता आ समाजिकता के मेडल लेवे में आगारी बा।
आज ले जेकरा से केहू के कवनो भलाई भइल नइखे,
जे गरीब,असहाय,जरूरतमन्द के नियरा गइल नइखे।
जे देश आ समाज ला खतरा आउर पृथ्वी पर बोझ भारी बा,
लेकिन महानता आ समाजिकता के मेडल लेवे में आगारी बा।

ज्ञान के बतिया कहता

भाई-भाई के हाल ना पूछे,कइसे बा का सहता,
फेसबुक पर फ्रेंड बनावे,ज्ञान के बतिया कहता।
गाँव में परिचय बात ना कवनो,के जियता मरता,
जेकरा के देखलस ना कबो, भेंट नेट से करता।
नाटक बा सोसल बने के,स्वार्थ में अपना रहता,
फेसबुक पर फ्रेंड बनावे,ज्ञान के बतिया कहता।

करेजवा के छोट

नामें के बा बर इ,करेजवा के छोट बा,
मुँहे के सफाई बाकि,भीतरी से खोट बा।
निमन-निमन बात करेे,खालभरमावेला,
बनेला एडभांस चांस,खोजे खाली पावेला।
तनिको ना माया दिल,एकर अखरोट बा,
मुँहे के सफाई बाकि,भीतरी से खोट बा।

सुजीत सिंह(शिक्षक)
कन्या मध्य विद्यालय अपहर
ग्राम-सलखुआ
पो-अपहर
जिला-सारण
9661914483

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