उधार खाइले

0
93

खूब ले के ढे़कार खाइले।
ढ़ेर जगे हम उधार खाइले।।

एगो मरदाना तू हे नइ खऽ जी।
हमहूँ बेलना से मार खाइले।।

हम जे खानी ऊ घूस ना लगे।
सेब, केला, अनार खाइले।।

खूब होखेला चटपटा कविता।
जब कभो हम अचार खाइले।।

खानी जब दूसरा के मूड़ी पर।
एगो के पूछे चार खाइले।।

बात बा माल ले खपावे के।
कहवाँ मिर्जा से पार पाइले।।

– मिर्जा खोंच

SHARE
Previous articleइतिहास
Next articleबाराती
जोगीरा डॉट कॉम भोजपुरी के ऑनलाइन सबसे मजबूत टेहा में से एगो टेहा बा, एह पऽ भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के टटका ख़बर, भोजपुरी कथा कहानी, भोजपुरी किताब, भोजपुरी साहित्य आ भोजपुरी से जुड़ल समग्री उपलब्ध बा।

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

eleven − five =