ग्रह के अशुभ होखला पऽ आ सकता रउवा जिनगी में अशांति

हर आदमी कउनो ना कउनो ग्रह दोष से ग्रस्त रहेला। कई बार ओकरा पते ना चलेला कि कवना कारण से ओकरा जिनगी के उथल पुथल रुके के नाव नइखे लेत। कउनो वजह से जीयल मुहाल हो गइल बा। तऽ का बा नवग्रह दोष के लक्षण आ ओकरा से निजात पावे के उपाय। ज्योतिष बाबा बतवनी की अगर बिना बात के घर प कलह क्लेश होखे, काम बनत बनत बिगड़ जाव, बेमारी साथ ना छोड़त होखे, मान सम्मान के हो रहल होखे नाश आ राउर रुक गइल होखे विकास त समझी की रउवा नवग्रहो के दोष से ग्रस्त बानी।

ग्रह दोष के लक्षण:-

  • सूर्य दोष के लक्षण:- बेमारी से परेशान, सरदर्द, बोखार, सरकार के कर विभाग से परेशानी, नौकरी में दिक्कत
  • चंद्रमा दोष के लक्षण:- पेट के बेमारी से परेशानी, घर में असमय माल गोरु मरे के संभावना, बिना कारण लड़ाई झगड़ा, रुपइया पइसा के घाटा।
  • मंगल दोष के लक्षण:- घर में चोरी होखे के डर, घर-परिवार में मारा मारी के आशंका, भाई के साथे अनबन, दांपत्य जीवन में तनाव, अकाल मृत्यु के आशंका।
  • बुध दोष के लक्षण: स्वभाव में चिड़चिड़ापन, जुआ में रुपइया पइसा के हानि, दाँत से जुड़ल रोग से परेशानी
  • गुरू दोष के लक्षण:- सोना के हानि, चोरी के डर, पढ़ाई लिखाई मे बाधा, झूठा आरोप के कारण मान-सम्मान में कमी, पिता को हानि होखे के डर।
  • शुक्र दोष के लक्षण:- बिना कउनो बीमारी के अंगूठे आ चाम संबंधी रोगन से परेशानी । राजनीति क्षेत्र में हानि, प्रेम व दापंत्य संबंधों में अलगाव, परिवार के स्वास्थ्य के लेके तनाव।
  • शनि दोष के लक्षण: पुश्तैनी संपत्ति के हानि, हमेशा बीमारी से परेशानी, मुकदमे के कारण परेशानी, बनलो काम बिगड़ जाओ।
  • राहु दोष के लक्षण: मोटईला के कारण परेशानी, अचानक दुर्घटना, लड़ाई-झगड़े के आशंका, हर तरह के व्यापार में घाटा।
  • केतु दोष के लक्षण: खराब संगत के कारण रुपइया पइसा के घाटा, जोड़ों के दर्द से परेशानी, संतान के भाग्योदय न होखे , स्वास्थ्य के कारण तनाव।

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