आपन नजर काहे तु

आपन नजर काहे तु दुनीयाँ मे झुकइले बारु
हमसे मुहब्बत के बात सबसे छुपइले बारु
बड़ा दुख भइल तहार रहनीया देख के
बड़ा दीन बाद करेजा पर छुरी चलइले बारु,,
पीपरा के पेड़ तर के उ पहीला मुलाका
पता ना केतना खातीर भुलइले बारु,,
भुला गइनी गीनती तहार आशीक गीने मे
तबो पता ना लागल केतना के रोवइले बारु.

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