आगे नाथ ना पाछे पगहा

अइसन कहावत निरकुंश आदमी के बारे में कहल जाला। निरकुंश आदमी आहे साँढ़ अइसन स्वछन्द होला जेकरा नाक में ना नाथ होला ना ओकरा गरदन में नाथ के पीछे पगहा होला । नाथ आ पगहा भइला से जानवर वश में रहेला। एही तरे जवान आदमी पर उत्तरदायित्व के न बोझा होखे ना केहू के नियंत्रण में होखे त आदमी नाथ-पगहा विहीन पशू जइसन व्यवहार करे लागेला।

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

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