अगिया लगाय छँवड़ी बर तर खाढ़

कवनो लइकी झगरा लगा के उहाँ से हट जा आ गाछ के नीचे खड़ा होके तमासा देखे लगे। इहाँ लइकी समाज मे रहे वाला चुगुलखोरन के प्रतीक बा, जेकर पेसा चुगली कइल आ झगरा लगवल बा । अइसन लोग देश आ समाज के खातिर घातक होला। ई लोग आगो लगावेला, तमसो देखेला। आज कल्ह दोसरा के घर फूँक के तमसा देखे वाला लोग समाज मे ढेर बा।

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

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