अँगुरी पकड़त-पकड़त पाहुँच पकड़ल

सिकार धीरे-धीरे फँसावल जाला। अँगुरी से सुख करिये के कहु के पाहुँच पकड़ल जाला। सुरू मे थोड़ा अधिकार जता के धीरे-धीरे अपना चतूराई से सवांग पर अधिकार कर लेवे वाला लोग के प्रति ई उक्ति कहल गइल बा।

धीरे धीरे केहू के कउनो सामान प आपन अधिकार जमवाल

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

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