गांधी जी …

लाल बिहारी लाल जी
लाल बिहारी लाल जी

आइल रहस गांधी जी भारत में संत बन के
उनके परिश्रम से मुक्ति मिलल गोरन से

विगुल बाजल आजादी के सहर आ गांवे-गांव
केतना देले कुरबानी भइल भारत में नाव
अइसन महात्मा से अंगरेज भी डर गइले
आइल रहस गांधी जी………….

केतना गो नर नारी, गांधी के साथे अइले
क्रांति के मसाल के अहिंसा से जलइले
सदी में जे ना भइल, बरिस में करी गइले
आइल रहस गांधी-जी………….

चौरा-चौरा के घटना चाहे हो दांडी मार्च
लंदन में गोलमेज हो चाहे बिहार मार्च
सबका हीरो गांधी जी देखत-देखत हो गइले
आइल रहस गांधी-जी………….

बटवले हाथ गांधी जी के नेहरु आउर सुभास
भगत आउऱ चंदशेखर से बढ़ गइल विस्वास
देखत देखत पटेल गांधी के संगे अइले
आइल रहस गांधी जी………….

करो मरो के नारा, अंगरेजों भारत छोड़ों
भइल गदर क्रांति लड़ो अब मुँह ना मोड़ों
लाल बिहारी लाल कहेले ई बात तन-तन के
आइल रहस गांधी-जी ………….

लेखक: लाल बिहारी लाल
सचिव:लाल कला मंच,नई दिल्ली-44

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

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