सौरभ भोजपुरीया जी के लिखल भोजपुरी कहानी आपने ठग गईल

परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प, रउवा सब के सोझा बा अभियंता सौरभ भोजपुरीया जी के लिखल भोजपुरी कहानी आपने ठग गईल, पढ़ीं आ आपन राय जरूर दीं कि रउवा सौरभ भोजपुरीया जी के लिखल भोजपुरी कहानी ( Bhojpuri Kahani) कइसन लागल आ रउवा सब से निहोरा बा कि एह कहानी के शेयर जरूर करी।

रिया के शादी के 4 साल हो गईल रहे । बहुँत खुश रहली आपन शादी शुदा ज़िन्दगी से । हर दिन के लेखा रिया आज ऑफिस आईल रहली । मै आई कमिंग मैम ……आवाज सुन के रिया बोलली आ वो ……..।

आरे रोहीत …….तुम हा मैम आज हमार जॉइनिंग के दिन बा इहवाँ । हमार पूना से ट्रांफॉर हो गईल बा । अपना के दुनो लोग सामान्य तरीका से बात करे के कोसिस करत रहल लोग । रोहित के कार्य भार देहला के बाद रिया कही पुरान याद में खो गईली ।।

असल में रोहित रिया के कॉलेज के दोस्त हउवन । इ लोग एक दूसरा से बहुत प्रेम करत रहे लोग । साथे जिये मरे के कसम खइले रहे लोग । अचानक से ई लोग के जीवन में मुसिबत तब आईल जब रिया के पापा के बदली कही दूसर शहर में हो गईल । कबो कबो फोन पर बात होखे लागल । धीरे धीरे उहो बंद हो गईल । रिया के लाख माना कइला के बाद रिया के शादी हो गईल । शादी के बाद रिया आपन सब कुछ भूला के पति के साथै उनकर सुख दुःख में साथ निभावे लगली । आपन सारा अरमान ख़ुशी के गाला घोट देहली माई बाबु आ समाज खातीर । एक बार भी विरोध ना कईली कबो आपन जीवन में । ना ही कवनो माँग कईली । जवन मिलल जेतना मिलल ओही में ख़ुशी ढूंढ लेले रहली । पति के ख़ुशी खतीर सब कुछ लूटा देहली ।

रोहित भी कॉलेज टॉपर रहले । सावला नैयन नक्सा के चोख शायराना मिजाज रहे । कॉलेज के सब लईकी रोहीत के आपन जीवन साथी भा दोस्त बानावे खतीर बेताब रहली सन ख़ैर छोड़ी ……. रिया मैडम इ राउर फाइल….. आवाज सुन के रिया के ध्यान टूटल । ठीक बा दा…. रिया कहली ।

समय बीते लागल एक दिन बहुत तेज़ बारिष होत रहे बिजली भी गुल हो गईल । बारिष के चलते आज ऑफिस में बहुँत कम लोग आईल रहे । रोहीत नाराज बाडा हमरा से रिया आपना के लाख कोशिस कईली रोके के बाकीर ना रह पवली । ना ना मैम अईसन बात नईखे… तु मैम ना रिया कहा ना ता हम समझेंम की तू हमरा के माफ़ नईखा कइले ।
रोहीत गम्भीर होके कहले ना रिया तु कवनो गलत थोड़े कैलू की माफी मंगबु शायेद विधि के लिखल ई हे विधान रहे । हम नाराज नईखी रिया …रोहीत कहले । तू पांच मिनट रुका हम आवत बानी रिया कही के कैबिन से बाहर आ गईली ।

ऊऊऊ आआआआ इईईईई अचानक रोहीत चिलाइले । जब उनकर अँगुली गर्म काफी में घुस गईल । दरअसल भईल इ की कैबिन से बाहर आ के रिया दू कप काफी बना के लेके गईली ।आ रोहीत अतना ना आपना अतीत में खो गईल रहले की उनकरा कुछ होसे ना रहे के रिया कब उनकर अँगुरी काफी में डूबा दिहली । जब ध्यान टूटल ता रोहीत के खुशी के ठीकाना ना रहे । उनकर कॉलेज जीवन आज लौट आईल रहे चंद पल खतीर । बात के सिलसिला शुरू भईल । कैबिन में कबो ख़ुशी कबो गम कबो आँशु ता कबो हँसी के बरसात होख़े लागल । कब शाम हो गईल मालूम ना चलल । दुनो फेर आपन आपन बैग लेके एक दूसरा से दूर हो गइले ।

कुछ महीना बाद रिया में जन्म दिन रहे । रोहीत शाम के होटल रिया के खूब सुरत तोफा देहले खाना खइले आ एक बेर फेर आपन चाहत के इज़हार कर दिहले । रोहीत तहरा मालूम बा हमरा शादी हो गईल बा । आ इ अब सम्भव नइखे । हम दुनो दोस्त बन के रह ब ता अच्छा रही । अतना कही के रिया दूर जायेके कोशिस काइली बाकिर रोहीत हाथ पकड़ लिहले । आ रिया के गुलाब के पंखुडी जइसन गुलाबी होठ जाम पिये लागले आ रिया भी चाह के रोक ना पावाली।

एक दिन अचानाक रात में रिया के मुँह से रोहीत के बात निकल गईल । रिया रोहीत आ आपन दोस्ती के बारे में सब कुछ बता देहली अपना पति से ।
रिया के बात सुन के मुकेश (रिया के पति) बहुत खिन हो गईले । रिया से दूर दूर रहे लगके । हमेसा उल्टा बात करे लागले । देर रात ता बाहर पाहिले भी रहस बाकीर अब हप्ता हप्ता महीनो दूर रहे लागले ।

एक दिन रिया के बहुँत तेज़ तबीयत खराब हो गईल ऑफिस में । रोहीत दावा दिहले बाकीर कुछ आराम ना भईल । शाम तक तवियत ज्यादा खराब हो गईल रिया के हॉस्पिटल में भर्ती करावे के पड़ल । हॉस्पिटल से रोहीत मुकेश के फोन करके के रिया के हालत के बारे में कहके । मुकेश कवनो संतोष जनक बात ना कर के फोन रख देहले । रोहित के देख भाल कइला के एक हप्ता बाद रिया हॉस्पिटल से घर आईल रहली । रोहिर रिया का बात बा मुकेश आ तहरा बिच कुछ अच्छा नईखे चालत । ना ना अईसन कवनो बात नईखे हम बहुत खुश बानी मुकेश जे साथ ।

एक दिन रिया आपन दोस्त के साथै खाना खात रहली । तबले उनकर नजर मुकेश के ऊपर पड़ल ।ई ईगो गैर औरत के साथ ना ना ई ना हो सकेला ।
रिया आब मुकेश के सच्चाई जाने खतीर उहवाँ के कर्मचारी से पूछली । जब सच्चाई मालूम भईल तब रिया के होश उ गईल रहे । शादी से पाहिले भी मुकेश के बहुत लईकी के संबंध रहे आ शादी के बाद भी ।

रिया अपना के ठगा महसूस करे लागली । सोचे लागली की जेकरा खतीर आपन प्यार के छोड़ देहनी । माई बाबु भाई के छोड़ देहनी । दू दू गो आपन पेट में बच्चा के हत्या कारावनी । उ अईसन निकलल । उ खाली हमरा के आपन जिस्म सूख खातीर इस्तेमाल कइलस । सोचते सोचते रिया जमीन पर गिर गईली ।।

सौरभ भोजपुरीया जी के लिखल भोजपुरी कहानी आपने ठग गईल
सौरभ भोजपुरीया जी के लिखल भोजपुरी कहानी आपने ठग गईल

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