भोजपुरी जन जागरण अभियान, पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा आयोजित भोजपुरी कविता संगोष्ठी संपन्न

भोजपुरी कविता संगोष्ठी
भोजपुरी कविता संगोष्ठी

भोजपुरी जन जागरण अभियान, पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा आयोजित ‘भोजपुरी कविता संगोष्ठी’ भारती शिक्षा सदन स्कूल के प्रांगण में संपन्न हुआ जिसमें रिसड़ा म्यूनिसिपैलिटी के चेयरमैन श्री विजय सागर मिश्र, कलकत्ता के सुप्रसिद्ध कवि श्री गिरीधर राय,श्री अनिल ओझा ‘नीरद’ श्री रघुनाथ प्रसाद गुस्ताख,श्री अवधेश मिश्रा, सहित संस्था के अध्यक्ष श्री रामपुकार सिंह,संरक्षक सह समन्वयक डा. एस. आनंद, संयोजक श्री रामजीत राम’उन्मेष’, महासचिव प्रकाश कुमार, संयुक्त सचिव श्री लल्लन पाण्डेय, उपाध्यक्ष शिव प्रकाश दास, संगठन मंत्री राजेश कुमार साह, पंकज कुमार पाण्डेय, गणेश कुमार सिंह, संजय कुमार दास, कृष्णा साव, राकेश कुमार यादव, अशोक कुमार पाण्डेय, संजीव दुबे, धर्मराज राम आदि कई प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद थे।

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इस अवसर पर संस्था के ओर से वर्ष २०१८ का भिखारी ठाकुर सम्मान श्री अनिल ओझा’नीरद’ को बतौर अतिथि विजय सागर मिश्र के करकमलों से प्रदान किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डा. एस.आनंद ने भोजपुरी भाषा व उसके साहित्य के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भोजपुरी में साहित्य की कमी नहीं है, उसे समृद्ध करते हुए अपशब्दों को दूर करना होगा जिससे संवैधानिक मान्यता में कोई बाधा न आए। श्री उन्मेष ने कहा कि भोजपुरी एक समृद्ध भाषा है, जिसकी पहचान विश्व में है। अतः इसकी संवैधानिक मान्यता अनिवार्य है। प्रकाश कुमार ने भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मांग के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि भोजपुरी एक ऐसी भाषा है जो विश्व के लगभग आठ देशों में बोली जाती है ।

मारिशस व नेपाल देश की सरकार ने तो इसे संवैधानिक मान्यता दे दी है। इस भाषा को बोलने वालों की संख्या लगभग २२ करोड़ है परन्तु इसे अपने ही देश में अपमानित होना पड़ रहा है। इसी को लेकर भोजपुरी जन जागरण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संतोष पटेल के नेतृत्व में दिल्ली के संसद मार्ग पर आठवीं बार महाधरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है । श्री गुस्ताख, श्री नीरद,और डा. गिरीधर राय ने अपनी कविताओं के माध्यम से संगोष्ठी में उपस्थित श्रोताओं में समां बांध दी।

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अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री राम पुकार सिंह ने कहा कि अब स्थानीय स्तर पर हर महीना एक भोजपुरी कविता संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा और दूसरा त्रैमासिक संयंत्र पर संगोष्ठी जिसमें बाहर के उन लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिनका भोजपुरी को समृद्ध करने में विशिष्ट अवदान है। अंत में संस्था के संयुक्त सचिव श्री लल्लन पाण्डेय ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन कर संगोष्ठी का समापन किया।

Bhojpuri kavita sangoshthi organized by Bhojpuri Jan Jagran abhiyan West Bengal unit concluded.

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