विनोद भोजपुरीया जी के लिखल एगो भोजपुरी कविता

विनोद भोजपुरीया जी
विनोद भोजपुरीया जी

जिनगी के सपना सगहि सजावेली।।
दिनभर हसेली हमके हॉसावेली ।।
होखेला हमनी भले तकरार हो ।।
हमार बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो।।

भुखाइल -पियासल जब घरवा आइले ।।
सुखल-पाकल दुनो बेकत संगहि खाइले ।।
हमरो करेली सझिया -बिहान इन्तजार हो ।।
होखेला भले हमनी के तकरार हो ।।
हमार बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो।।

करे चुल्हा-चउका करे सानी -पानी ।।
कहे ली चली जवन लेली राजा -जानी ।।
राउरे से बसल बा हमार घर संसार हो ।।
होखेला भले हमनी के तकरार हो ।।
हमार बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो।।

साथ हि बिते सुख-दुख मे हमनी के दिन -रातवा ।।
इहे गोहरी बिधना कबो नाही छुटे हमनी के साथवा।।
भगवान से इहे बिनती बारे हमारी बार-बार हो
होखेला भले हमनी के तकरार हो ।।
हमर बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो ।।

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