प्रिंस कुमार ओझा जी के लिखल कुछ भोजपुरी रचना

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गउवा के बतिया अजबे निराला
धरते पाँव सब थकान मिट जाला ।।

माई के हाथ के बनावल मिले खाए के
मन नाही करे शहर मे जाए के
बिना एसी कुलर के देहिया ठंडाला
गाउवा के बतिया त अजबे निराला।।

ना केहू से बैर ना केहू से तकरार
सतुआ भुजा से देहिया बरियार
बस असही सभके प्यार भेटाला
गउवा के बात बाटे अजबे निराला

पेपसी से निक बावे पानी मोरा गाँव के
एसी का परतर करी गछिया के छाँव के
बाटे पक्की सड़क हर एक मोहाल्ला
गाउवा के बतिया अजबे निराला

देखी के आपन माटी चौड़ा हो जाला छाती
खेलल खेला गुल्ली डंडा आ दोल्हा पाती
कइसे सब बतिया प्रिंस हो लोगवा भूलाला
गाउवा के बतिया अजबे निरला।।

काहे गइलऽ परदेश मे बबुआ हमार

काहे गइलऽ परदेश मे बबुआ हमार
कइसे मनवा लागत बा शहर मे तोहार
अजबे गजब ँहवा के व्यवहार
काहे भूलइलऽ बबुआ गाँउवा ज्वार।।

नइखे मिलत मकई के रोटी नाही कौनो साग
बेरोजगारी लगा दिहलख जिनगी मे आग
नइखे कवनो जिनगिया के आधार
काहे भूलइलऽ बबुआ गाँउवा ज्वार।।

रोजगार खातिर शहरीया मे जाए के परी
बितल दिनवा भुलाए के परी
नइखे लउकत पहलिखा खेतवा बधार
काहे भूलइलऽ बबुआ गाँउवा ज्वार ।।

छुटी कराके जल्दी आवऽ भवनवा
सुना पड़ल बा आँगनवा
प्रिंस हो रहिया देखे घरवा दुआर
काहे भूलइल बबुआ गाँउवा ज्वार।।

मोदी जी करत बानी करजोड़ी

मोदी जी करत बानी करजोड़ी
हमनी के भाषा हऽ भोजपुरी
नइखे माँगल जात रउरा से कर्जा
दे दी एकरा संबिधान मे दर्जा ।।

होई ना कवनो परेशानी
मिली रउरो दाना पानी
रउरा काथी के बा हर्जा
दे दी ऐकरा संविधान मे दर्जा।।

जीते के श्रेय मिलल रउरा बिहार से
का मिल जाई हमनी के हार से
मत दी बड़का लोग के कर्जा
दे दी ऐकरा संविधान मे दर्जा।।

होई जाई हमनी पर ऊपकार
अश्लिता मुक्त होई तब बिहार
सब भोजपुरीयन पर रही राउर कर्जा
दे दी ऐकरा के संविधान मे दर्जा।।

बावे रउरा पर हमनी के आशा
मत दिही हमनी के निरशा
प्रिंस हो सगरे बाटे एकरे चर्चा
दे दीही ऐकरा संबिधान मे दर्जा।।

भोजपुरी रक्षा बंधन गीत- राखी तोहरे बंधवाइब

राखी तोहरे से बंधवाइब |
बहिना तोहरे के बनाइब|
जान हम तोहरे पे लुटाइब |
वादा हरदम हम निभाइब|
राखी तोहरे से बंधावाइब।

हर दुख से तोहके बचाइब।
हर सुख तोहके दिवाइब|
तु कबो हमके बोलइबु |
हर बला से हम लड़ जाइब।
राखी तोहरे से बधवाइब |

तू हमार हऊ बहिना |
हमरा दिल के हउ गहना |
करी जिनगी तोहरे पर वार |
छोड़ के तोहके कही ना जाइब |
ढाल तोहार बन जाइब |
राखी तोहरे से बंधवाइब |

भाई बहिन के इ रिस्ता हउवे बड़ा प्यारा |
बन जाए भाई बहिन के सहारा |
प्रिंस आके दे दिहे तोहके उपहार |
बदल ना हम कबो जायेम |
राखी तोहरे से बंधवाइब |

सावन चढ़ते हहकार मचइले बाड़े

पहलीके सोमार के चंद्रयान उड़वले बाड़े
सबके मन मे एगो आश जगवले बाड़े
सावन चढ़ते हहकार मचइले बाड़े।।

एक ही देश मे तिरंगा लहरवले बाड़े
भोले नाथ आपन महिमा देखवले बाड़े
दोसरका सोमार के तीन तलाक हटवले बाड़े
सावन चढ़ते हहकार मचवले बाड़े।।

देशबासीयन मे खुशी के लहर दौरइले बाड़े
नाग पंचमी के दिन नाग बाबा के दूध लावा चढ़वले बाड़े
तिसरा सोमार मे धारा 35ए 370 हटइले बाड़े
चढ़ते सावन हहकार मचवले बाड़े

लोगवा के दिलासा बरियार दिवइले बाड़े
मोदी जी आपन बचन निभवले बाड़े
होई का चौथा सोमार मे प्रिंस आश लगवले बाड़े
चढ़ते सावन हहकार मचवले बाड़े।।

भइया जाके बसि गइलऽ दुर देस

रखिया बन गइल बा सनेश
होत रहे हमनी के तकरार
जेमे लुकाइल रहे हमनी के प्यार
सोची मनवा मे होखे क्लेष
रखिया बनि गइल सनेश

हम जे रूठ जाई त हमरा के मनावऽ
लेजा जा के हाट बजार घूमावऽ
सताव बना के तू बहुरूपिया के भेष
रखिया बन गइलऽ सनेश।।

रहिया देखी देखी बहे अखिया से लोर
भीजे ला आचरा के कोर
करत ईन्तजार मनवा होला थोर
प्रिंस भाइ के रहे ना कवनो दोष
रखिया बन गइल संदेश

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