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भोजपुरी कथा-कहानी

भोजपुरी कथा-कहानी : भोजपुरी लेखक सभ के भेजल एक से एक कथा-कहानी के संग्रह कइल गइल बा। अगर रउवा अगर येह पेज के पढ़ रहल बानी भा देख रहल बानी त रउवा सब से निहोरा बा की आपन रचना जोगीरा डॉट कॉम के जरूर भेजी, हमनी के बड़ी खुसी मिली राउर रचना अपना वेबसाइट प जोड़ के।

भोजपुरी साहित्य आ भासा के प्रसार खातिर।।।

विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कहानी जुआठ

जब कवनो गृहस्थ अपना कंधा पर गृहस्थी के जुआठ बांध के गृहस्थी के भार खिचेला, त उ गृहस्थ अपना-आप में एगो महान व्यक्ति के...
विमल कुमार जी

विमल कुमार जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा एक लोटा पानी

रामदीन थाकल मांदल आँफिस से अपना घरे आवते बड़ी जोर-जोर से आवाज लगइले। बेटा सुनत बाड़$ बड़ी जोर से पिआस लागल बा जलदी से...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघुकथा रहमत के रमजान

ज्येष्ठ के आधा महीना बीतला के बाद रमजान के पहिलका अज़ान भइल।अभी ब्रम्हबेला के सुरुआत होत रहे. सब कोई अपना अपना छत पे सुतल...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कहानी बंसी के बगईचा

आसमान के असमानी रंग पर मटिया रंग के गर्दा चढ़ गईल रहे। लागत रहे कि आज ही कालदेव आपन बरसो के भूख मिटावे खातिर...
जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी इंसानियत

घड़ी के एलारम बाजे लागल। हम हड़बड़ा के उठलीं आ बइठ गइलीं। आजे हमार बी.काम के फाइनल परीक्षा खतम भइल रहे।परीक्षा समाप्त होते भर...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघुकथा ललका रंग

फागुन के महीना मे चरो ओर उमंग के लहर दऊरे ला, हर कोई मस्ती के रंग मे रंगल नजर आवेला ! चाहे ऊ इंसान होखे...
जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी चार गो भूतन से भेंट

आयी पढ़ल जाव जगदीश खेतान जी के लिखल एगो बेहतरीन भोजपुरी कहानी चार गो भूतन से भेंट:- रउवा लोग अपने जीवन मे भूत, प्रेत, चुड़ैल...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा पगली

फसल के कटाई के बाद चारो तरफ दूर-दूर तक नजर के रोक-थाम खातिर कुछो न लऊके | आपन नजर के जहाँ तक दौड़ाई उ...
भोजपुरी लघु कथा आश के लेखक विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा आश

आश मनुष्य मनोवृती के अटूट शक्ती, जोन कबो आपन दम न तोडे ! आश ओह समय तक दिल मे होला. जब केहु आपन के...
कुणाल भरद्वाज जी

कुणाल भरद्वाज जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा आत्महत्या

भोर होखे में अबही देर रहे। हमरा आँखि में नींद ना रहे। मन अकुताईल रहे। जिनगी बहुते नीरस हो गइल रहे। बेटा पतोह दुनु...
धनंजय तिवारी जी

धनंजय तिवारी जी के लिखल नईहर के रास्ता

"अब हमसे तहरा माई के सेवा ना होई" बाल्टी पटकत चनर बो कहली " कह कि मथुरा काशी चल जास। इन कर भार उठावे...
जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी का हमके कुक्कूर कटले बा

इ सन् 1960 के बात ह। तब हम बनारस पढत रहलीं। वो दिन हम अपने कमरा मे पढले मे तल्लीन रहलीं कि तबले हमके...
कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक जी

कन्हैया प्रसाद रसिक जी के लिखल भोजपुरी कहानी संस्कार

जब बिरिधा आश्रम से सनेस मिलल कि बाबूजी के दुनो किडनी खराब हो गइल बा आ तोहार भाई अनुराग से कवनो संपर्क नइखे होखत...
जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी आंख

प्रयाग विश्वविदयालय यूनियन पत्रिका 1962 मे हिंदी मे प्रकाशित कहानी का भोजपुरी अनुवाद।। हम येगो आन्हर मंगन हईं जे आपन पेट जियावे खातीर...
कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक

कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक जी के लिखल भोजपुरी कहानी लोहा बाबा

ए लोहा बाबा काल्ह सुमितरी खातिर लइका देखे जायेके बा रउआ चलेम नु रामदेयाल कहलन। लोहा बाबा कान पो जनेव चढ़वले लोटा लेके खेत...
कन्हैया प्रसाद तिवारी रसिक

कन्हैया प्रसाद रसिक जी के लिखल भोजपुरी कहानी लोचन

तरूण के शादी कइला दु साल हो गइल बाकि अबहीं कवनो फर फूल ना लागल बा एह से उनकर माई मन ही मन उदास...
जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी हास्य कहानी आंख के आन्हर

ई सन 1971 के बात ह।पाकिस्तान आ भारत मे लड़ाई शुरु हो गईल रहे।पूरा देश मे येगो उत्साह छा गईल रहे।हर जगह येही के...
धनंजय तिवारी जी

धनंजय तिवारी जी के लिखल भोजपुरी कहानी ट्रैन

ठीक रात के नौ बजत रहे जब रजत स्टेशन पहुँचले। उनका जवन ट्रैन पकडे रहे उ सामन्यतः समय से ही आवे। माइक पर ट्रैन...

आकाश कुशवाहा जी के लिखल भोजपुरी कहानी मदारी

आज कचहरी के दिन रहल, सबेरे के निकलल साँझ के घरे अइला के अब त आदत बन गइल रहल इंजीनियर रामबाबू के। दुआरी पर उनकर...
सरोज सिंह

सरोज सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा नवका च्चा

आज बाबूजी गीता के स्कूल से छुट्टी करा के के गांवे ले जाए के तैयारी में जुट गईलन ..पुछला पर कि,'काहें बाबूजी, हमनिका काहें...