भोजपुरी सेवी लाल बिहारी लाल

लाल बिहारी लाल
लाल बिहारी लाल

आदर्श भोजपुरी क्षेत्र अऊर तीन ओर गंगा, गंडक, घाघरा से घिरल सारण छपरा के धरती कई गो लाल के जन्म देले बा जेइमें भोजपुरी के महाकवि लक्ष्मी सखी, बाबू रघुवीर नरायण, महेन्द्र मिसिर समेंत कई लोग बा जे आपन लेखनी से इ देश आ समाज के खूब सेवा कईले बा।

एही सारण के धरती से गांव भाथा सोनहो में स्व. सत्यनारायण साह, अऊर स्व. मंगला देवी के घरे जनम लिहले लाल बिहारी लाल कवनों परिचय के मोहताज नईखन। लाल बिहारी लाल गउवा के स्कूल में पढ़ लिख के आगे बढ़ले जे आज वाणिज्य आउर उद्योग मंत्रालय, नई दिल्ली में कार्यरत बाड़े।

नोकरी के साथे-साथे समाज सेवा आऊर सृजन कार्य भी खूब करत बाड़े। आपन लेखनीस्वच्छता, पर्यावरण, जल संकट, बेटी बचाओ जईसन विषय पर खूब चलवले बाड़े जेकरा के पढ़ के समाज के लाभ होता।

इनकर गीत, कविता सैकड़ों पत्र-पत्रिकवन में छपल बा और कई गो पुस्तक के संपादन भी कईले बानी इहा तक कि इनकर भोजपुरी कविता “क्रांति कविता” नालंदा ओपेन विश्वविद्यालय में एम.ए. और भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के बी.ए. के पाठ्यक्रम में शामिल बा, इ सब हमन भोजपुरिया के गौरव के बात बा अऊर त अऊर इहा के कई गो कैसेट भी निकलल बा जेकरा के लोग खूब सुन रहल बा।

इहा के योगदान के देख के सैकड़ों गो पुरस्कार भी मिलल बा। बाकी एगो बात बतावतानी हम इहा के पुरस्कार के मोहताज नईखी बस समाज के ए देश के खातिर कुछ कईल चाहतानी। समाजिक उत्थान के खातिर दिल्ली में लाल कला मंच भी बनवले बानी जेकर लाल बिहारी लाल जी सचिव बानी। इ संस्था के माध्यम से सामाजिक आऊर सांस्कृतिक उत्थान के काम करतानी। साँच पूछी त दिल्ली जईसन बड़ शहर में रहिके हिंदी के सेवा कईल कवनो हेतुचुकी बात नईखे लमहर बात बा। एगो बात त हम जरूरे बताइब उ इ कि इनका लेखनी में भोजपुरिया लोगन खातिर सोलहग प्रेम लऊकेला, हर समय इहा के सहयोग करे खातिर तैयार रहिले और नयका लेखक लोग खातिर त इहा के हमेशा खड़ा रहेनी।

इहा के जन्मदिन पर हम भगवान से विनती करतानी कि इहा के ऐसही लिखत रही अऊर एह देश के सेवा करत रही उमर लमहर होखे निरोग रही।

उमेश कुमार गुप्त, भाटपार रानी, देवरिया उ.प्र.

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