भोजपुरी शब्द संरचना

भोजपुरी शब्द संरचना
भोजपुरी शब्द संरचना

भोजपुरी शब्द संरचना मतलब केंगा शब्द बनेला।

टीम जोगिरा कोशिश कइले बा कि रउवा के भोजपुरी शब्द संरचना के समझवाल जाव की केंगा शब्द बनेला, इ संग्रह पूरा नइखे बाकिर कोशिश कइले बा की ढेर से ढेर शब्दन के जोरल जाव।

जरूर देखीं: कइसे भोजपुरी सिखल जाव

कुछ कमी बेसी हो सकेला तऽ टीम जोगिरा रउवा से निहोरा करता अगर रउवा कतहुँ गलती लउकता तऽ जरूर बताइ, हमनी के जरूर सुधार करेम सन।

भोजपुरी शब्द संरचना के कुछ उदहारण

“हार’ (वाला)

  • खइनीहार : खाने वाला
  • दुहनियार : दूहने वाला
  • सोहनियार : सोहनी करने वाला
  • बनिहार : मजदूरी करने वाला
  • मनिहार : मणिमाला बेंचने वाला

“वाह” (वाला)

  • हरवाह : हल चलाने वाला
  • चरवाह : पशु चराने वाला
  • घसवाह : घास काटने वाला
  • कुदरवाह : कुदाल चलाने वाला

“अई’: (किसी क्रिया की अधिकता में)

  • जबरई : जबर्दस्ती
  • लबरई : झूठा
  • खइनई : खूब खाना-पीना

“कू”

इस प्रत्यय से बना शब्द प्राय: दिखावा के अर्थ में होता है और इसमें व्यंग्य छुपा रहता है।

  • लड़ाकू : लड़ने वाला
  • पढ़ाकू : पढ़ने वाला

“हा” : (वाले)

  • डेरहा : डेरावाले
  • दिअरहा : दिआरा वाले
  • खेतहा : खेत वाले
  • बनहा : वन में रहने वाले “बनेया’
  • बेटहा : वर पक्ष से बेटा वाले
  • कटहा : काटने वाले (कुत्ता,बन्दर)
  • घटहा : घाट वाले नाव
  • जटहा : जटा-जूट वाले साधु, बच्चा
  • फटहा : मुँहफट
  • पगहा : पैदल यात्री, रस्सी
  • पनहा : पानी में रहने वाला सर्प, जूता
  • पतहा : पत्ता वाला फसल या स्थान
  • भरहा : भार ढोने वाले वाले कहार
  • हरहा : हरकाह जीव (गिलहरी, खरगोस, कौवा आदि)
  • चरहा : चारागाह, चरने वाले पशु, चरवाह

“गर” : (अधिकता सूचक)

  • गलगर : गाल बजाने वाला
  • मुँहगर : अधिक बोलने वाला
  • लुरगर : ढंग से
  • दुधगर : दुधारू
  • नूनगर : अधिक नमीकन
  • छरगर : छरहरा
  • जोरगर : बलशाली
  • सनगर : तेज

“वान”

धनवान, कोचवान, गाड़ीवान, पहलवान, पिलवान, बलवान, भगवान

“मातर” अर्थ : ही

  • देखते मातर : देखते ही
  • कहते मातर : कहते ही
  • खाते मातर : खाते ही
  • जाते मातर : जाते ही
  • छूते मातर : छूते ही

“आह”

  • सनक + आह : सनकाह
  • बिख + आह : बिखिआह
  • खिस + आह : खिसिआह
  • लत + आह : लताह
  • पेट + आह : पेटाह
  • नेट + आह : नेटाह
  • टेंट + आह : टेंटाह
  • ढेल + आह : ढेलाह

“लेखाँ” : (की तरह)

  • कुकुर लेखां : भोंकऽता
  • कुम्हकरन लेखा : सुतल बा

दे

  • धांय दे : गोली लागल
  • कांय दे : क के मर गइल
  • टांय दे : बोललख, मरलख
  • चांय दे : चिचिआइल
  • छांय दे : जल गईला
  • भांय दे : चिल्लईलऽस
  • सांय दे : गोली निकल गइल
  • ठांय दे : जबाब देहलख

भर

  • हाथ भर : एक हाथ का
  • दाम भर : दाम भर का
  • दिन भर : पूरा दिन
  • पेट भर : भर पेट
  • इच्छा भर
  • जोर भर
  • बलभर
  • पलभर

ही

  • गदही
  • नदही
  • कटही
  • घटही
  • चटही
  • जटही
  • झटही
  • संगही
  • सोगही

“चाके” (: सा)

  • नखी चाके : छोटा सा
  • हेती चाके : छोटा सा

“से”

  • खट से : खड़ा
  • गट से : निगल गया
  • चट से : दाव मारल
  • झट से : भागल
  • पट से : टूटल
  • फट से : आवाज
  • टप से : चू गइल

“गार”

  • लगार : पुरकस
  • कगार : किनारा
  • बेगार : बिना मन, मजदूरी के कार्य (बैठल से बेगार भला)
  • घेघार : घेघ वाला
  • डेगार : झड़क कर
  • छिगार : छिट:पुट, झांझर
  • निगार : बदला
  • बिगार : झगड़ा
  • जुगार : इन्तजाम

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

ध्यान दीं: भोजपुरी कथा कहानी, कविता आ साहित्य पढ़े खातिर जोगिरा के फेसबुक पेज के लाइक करीं

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