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भोजपुरी भाषा का ऐतिहासिक सांस्कृतिक और राजनितिक महत्व

भोजपुरी भाषा का ऐतिहासिक सांस्कृतिक और राजनितिक महत्व

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भोजपुरी भाषा का ऐतिहासिक महत्व : भोजपुरी क्षेन्न अपने अंक में महान इतिहास छिपाये हुए है। भोजपुरी भाषा में लिखित काव्य के परिवेश में इसका...
भोजपुरी का नामकरण

भोजपुरी का नामकरण

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ऋग्वैदिक काल से लेकर पौराणिक काल तक धार्मिक, ऐतिहासिक, अभिलेखीय एवम् साहित्यिक ग्रन्थों में 'भोज' शब्द का अनेक बार उल्लेख मिलता है 'भोज' शब्द...
भोजपुरी के प्रतिनिधि कवि और उनका रचना संसार

भोजपुरी के प्रतिनिधि कवि और उनका रचना संसार

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बाबू रघुवीर नारायण बाबू रघुवीर नारायण का जन्म नयागांव छपरा (बिहार) में 30 अक्टूबर 1884 ई0 में हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा छपरा के जिला...
थारू जनजाति के लोक जीवन : सिपाही सिंह श्रीमंत

थारू जनजाति के लोक जीवन : सिपाही सिंह श्रीमंत

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थारू जनजाति के लोक जीवन श्रीमंतजी के 'थरूहट के लोक गीत' से लिहल गइल बा। एह निबंध में थारू जन जाति के परंपरा, पर्व-त्योहार,...
भोजपुरिया नाहर मंगल पांडे : राणा परमार

भोजपुरिया नाहर मंगल पांडे : राणा परमार

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विलायती राज के खिलाफ 1857 में आपन लेहु से लुकाड़ी जरावेवाला भोजपुरिया नाहर मंगल पांडे के जयंती पर विशेष राणा परमार अखिलेश, छपरा (सारण) "साखी...
भिखारी ठाकुर

भिखारी ठाकुर के परिवार तऽ आजो भिखारी बा : राणा परमार

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हिंदी- भोजपुरी के लब्ध प्रतिष्ठित कवि, कथाकार, नाटककार, गीतकार के 'हरसिंगार' से लिहल ई श्रद्धा के कविताई फूल साँचो लोक कवि भोजपुरी के शेक्सपियर...
बिरहा गीत वास्तव में वे विरह गीत हैं : एस डी ओझा

बिरहा गीत वास्तव में विरह गीत हैं : एस डी ओझा

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बिरहा गीत वास्तव में वे विरह गीत हैं, जो कि विशुद्ध रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश व पश्चिमी बिहार की माटी से निकले हुए...
भोजपुरी लोकगीतन में छन्द

भोजपुरी लोकगीतन में छन्द

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छन्द शब्द के उत्पत्ति संस्कृत के 'छन्दस' आ 'छन्दक' दू गो शब्दन से भइल बा। छन्दक के अर्थ हाथ के एगो विशेष आभूषण होला...
बिहार के भोजपुरी लोककला : दयाशंकर उपाध्याय

बिहार के भोजपुरी लोककला : दयाशंकर उपाध्याय

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आदमी के अनुभूतियन के अभिव्यक्ति के नाँव लोककला ह। लोककला में सौंदर्य के साथे आनन्दो के समावेश होला । वास्तव में ई आदमी के...
जयकान्त सिंह जी

श्लीलता आ अश्लीलता : डॉ. जयकान्त सिंह

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परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प, रउवा सब के सोझा बा जयकान्त सिंह जी के लिखल आलेख भोजपुरी में श्लीलता...
निर्भय नीर जी

शायद अब लोग समझ जाव : निर्भय नीर

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परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प,अपना हिन्दू धरम के कुछ रीती रिवाज आ मानता के बारे में बता रहल बानी निर्भय...
कोरोना संक्रमण से बचाव ही उपाय | तारकेश्वर राय

कोरोना संक्रमण से बचाव ही उपाय | तारकेश्वर राय

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परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प, आज रउवा के सामने बा तारकेश्वर राय जी के लिखल आलेख कोरोना संक्रमण से...
पप्पू मिश्र 'पुष्प' जी

माई के ममता आ आशीष ह भोजपुरी! : पप्पू मिश्र ‘पुष्प’

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परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प, आज रउवा के सामने बा पप्पू मिश्र 'पुष्प' जी के लिखल आलेख माई के...
जोगीरा सा रा रा रा.........

3० गो जोगीरा | त बोलीं जोगीरा सा रा रा रा….

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जोगीरा होरी के एगो अलगे कनछी ह। एकर एगो अलग रंग-लालित्य बा । गवनई का बीच में फोरन लेखा, एह नगीनन के चमक सहजे...
घोघोरानी ! केतना पानी?

घोघोरानी ! केतना पानी?

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एह खेल में कुछ लइका मिलके एगो गोलाई बना लेलेसन गोलाई के बीच में एगो लइका खाड़ा हो जाला। मान लेहल जाला कि बीच...
भोजपुरी के विकास में बाधक तत्व : पवन कुमार 'जय'

भोजपुरी के विकास में बाधक तत्व : पवन कुमार ‘जय’

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भोजपुरी के विकास में बाधक तत्व : विकास आ बाधा दूनो एक सिक्का के दूगो पहलू का रूप में मानल जाला। काहे की गंगा...
हिन्दी आ भोजपुरी

हिन्दी आ भोजपुरी

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एह देश के जवना भूभाग के हिन्दी के क्षेत्र कहल जाला, ओह भूभाग के एगो बड़हन क्षेत्र के प्रमुख भाषा भोजपुरी ह । बलुक,...
फगुआ आ फगुआ गीत

फगुआ आ फगुआ गीत

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वसंत पंचमी के दिन होरी गावे के ताल उठेला तब से होरी के साथे फगुआ अवरु फगुई गवाये के शुरु हो जाला। फगुआ दीपचन्दी...
होरी : समूह गीत के एगो विधा ह

होरी : समूह गीत के एगो विधा ह

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होरी-होरी समूह गीत के एगो विधा ह, जवन ताल दीपचन्दी (चांचर) अवरु राग काफी में गावल जाला । एकर एगो धुन बन गइल वा...
भोजपुरी संस्कार गीतों में परिहास, गाली और अश्लीलता

भोजपुरी संस्कार गीतों में परिहास, गाली और अश्लीलता

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भोजपुरी संस्कार गीतों में परिहास, अश्लीलता और गालीगीतों का प्रचलन समस्त लोक भाषाओं में मिलता है । यह परिपाटी क्यों, कहाँ और कैसे प्रारम्भ...