चंदा

चंदा चंदा चंदा
कवनो लइकी के नाम ह चंदा त
कबहीं आकाश के पिंड ह चंदा
बाकिर आज चंदा के ई दुनु अरथ
बदल गइल बा
अब चंदा के पर्यायवाची हो गइल बा

रंगदारी
जे देता उहो पछताता
जे न दे उहो पछताय
अजब आदमी के हाल बा

छने छने बेहाल बा
पीपर के घंटा नियर टंगाइल बा
न एन्हरे डोल ता न ओन्हरे
टुकुर टुकुर ताकत छोड़ के का करस ?

कहाँ जास उ बुझाते नइखे
सुझाते नइखे चंदा अंजोर
के बदले में अंधार बांटी
ई कही नइखे लिखलबाकिर
आजू लिखाता बिना मंगले

मिळत बा अन्हार हरानी परसानी
काहे के आजू के चंदा अंजोर वाला
ना ह अमावास ह ई चंदा
चोरावत बा आदमी के मुंह से हंसी
हरियाली.

रचनाकार: संतोष कुमार, संपादक : भोजपुरी जिंदगी

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

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