विमल कुमार जी के लिखल छठी मईया सुखवा कबले भेंटी

विमल कुमार जी
विमल कुमार जी

बोझिल मन भारी दिल से करिला बरतिया,
सास ससुर सवांग मिलल ना कवनों गतीया,
बड़ी शारधा से करिला तोहरो भगतिया
फेरि दऽ ना छठी माई इनिकर मतिया$,
मांगतीया तनिका सुख तोहार बेटी
छठी मईया सुखवा कबले भेंटी-2

सास ससुर भसुर तीनों देवे गारी,
करे पति, गोतिनी जहर देवे के तैयारी,
लउकत ना रहे ससुरा में केहु हित गोतीया
सुनर विचार छठी मईया भर दऽ इनिका मतिया,
बहुत दुख उठावे तोहार बेटी
छठी मईया सुखवा कबले भेंटी-2

रहिलाऽ नईऽहरऽ में लोग मारे ला ताना,
जिए के आधार बड़ुए गोदिया में लालना,
दिल से करिला हम राउर पराथना
छठी मईया रखिहऽ इजतिया ,
नजर नाहीं तोहसे अब मोर हऽटी
छठी मईया सुखवा कबले भेंटी-2

सुनर सुनर फल फूल चुन हम ले अइनी
घटिया पो अरघ के थाली सजइनी ,
ले लऽ छठी माई हमरोऽ अरघियाऽ
बेटी राउर करऽतिय बिनितियाऽ ,
जलदी आशीऽषऽ, माई देतींऽ
छठी मईया सुखवा कबले भेंटी|
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विमल कुमार
ग्राम + पोस्ट-जमुआँव
थाना- पीरो

Chhathi maiya sukhwa kable bheti written by Bimal kumar.

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