ई हरनाकुस मन: भोजपुरी कविता संग्रह

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ई हरनाकुस मन
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ई हरनाकुस मन (भोजपुरी कविता संग्रह) के कुछ लाइन

भोजपुरी में हम सन १९५० से लिख रहल बानी। पहिले गीत बहुत लिखत रही, जवना मे से कुछ गीत आरा से प्रकाशित मासिक “भोजपुरी ” मे समय समय पर छप चुकल बा। १९६९ – ७० से आधुनिक शैली आ शिल्प मे जुग-बोध के कविता लिखे लगनी। ई कविता ओही तरह के जुग-बोध वाला पचीस गो चुनल कवितन के संग्रह ह, जवना के शैली आ शिल्पी आधुनिक बा।
-पान्डेय सुरेन्द्र

ई हरनाकुस मन: भोजपुरी कविता संग्रह
लेखक: पान्डेय सुरेन्द्र

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