जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव में माईभाखा के पहरूवा के जुटान

जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव

देस बिदेस के कोना कोना में आपन रोजी रोजगार ख़ातिर बसल भा गाँव में अपना जर पर बसल भोजपुरिया के अंतरी में लुकाइल लुत्ती जवन ना जाने कतना दिन से सुनगत रहे उ 18 नवम्बर 2018 के जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित पहिलका लोक-संस्कृति उत्सव जवन अमहीं मिश्र, पोस्ट- जिगना दूबे, प्रखंड- भोरे, जिला- गोपालगंज, बिहार में लहास बन के लहकत लउकल ।

ओह लहास में माईभाखा में घुसल कंजास डेराके आपन जान बचावे बदे लुकाये के मजबुर बा । जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के उतजोग से ठानल येह लोकसंस्कृति उत्सव में माईभाखा के पहरूवा के जुटान अँगराये जोग त बड़ले बा । येह जाड़ा पाला के दिन मे हेतना जुटान ई बतवलस की भोजपुरिया समाज अब जाग गइल बा।

लोकसंस्कृति उत्सव क चार सत्र रहे । उत्सव क समहुत भइल परभात फेरी से जवन फजीरे 5 बजे कार्यक्रम स्थल से रवना भइल जेकरा में सामिल भइलन हर उमिर बिरादरी जगहा के लोग । भोजपुरी भाषा के बचावे के गोहार करत कारवाँ पहुँचल राधा मोहन चौबे “अंजन” जी के निवास स्थान प उनके आपन श्रद्धाजलि दे के उनकर जीवन संगिनि से आसीस पा के ई कारवाँ आगे की ओर सरकल रस्ता में अंजन जी क गुरुवर स्वर्गीय लक्ष्मण पाठक “प्रदीप” जी क मूर्ति प संस्था के अध्य्क्ष श्री सतिश कुमार के माला पहीरवला आ श्रद्धा सुमन चढ़वला के बाद कारवां कार्यक्रम के जगहा प लौट आइल ।

दुसरका सत्र क समहुत भइल परम्परागत तरीका से संस्था के अध्य्क्ष के हाथे दिया जराके जवन समर्पित रहे पुरस्कार वितरण बिचार गोष्टि आ कवि सम्मेलन के । अपना कविता के माध्यम से मादरी जुबान के मजबुती देहला ख़ातिर अंजन पुरस्कार से नवाजल गईल बंगलौर से आइल कन्हैय्या परसाद तिवारी रसिक जी के आ तिस्ता पुरस्कार से पुरस्कृत भइलन अपना श्लील गायकी से भोजपुरी क मान बढ़ावे वाला श्रेयांस के एह पुरस्कार देहल गइल । आपन अलग अंदाज में बीर कुँवर सिंह गाथा गावेवाली बिहार के तेजन बाई के रूप में मशहूर 17 बरिस के काँच उमिर में काल कवलित होखे वाली तिस्ता के पिता श्री उदय नारायण सिंह के हाथे देहल गइल एकरा अलावा सैकड़ो लोगें भोजपुरी भाषा के बढ़न्ती में योगदान ख़ातिर पुरस्कार पवलन ।

देश क कोना कोना से चहुँपल बिद्वान लोग हिंदी उर्दु आ भोजपुरी के मूर्धन्य कवि श्री सजंय कुमार सजंय के संचालन आ बरिष्ठ बिद्वान श्री ब्रजभूषण तिवारी जी के अध्यक्षता में भोजपुरी क दशा दिशा पर आपन बिचार रखलन सर्वेश तिवारी श्रीमुख, डॉ ब्रजभूषण मणि त्रिपाठी, श्री दिनेश पाण्डेय, श्री जितेन्द्र द्विवेदी आदि । आदिकाल से भाषा बोली के उदभव बिकास क्षरण आ ओके फिर से अपना मूल सम्मान के वापिस दियावे क बारे में आपन बिचार रखलन । श्रीमुख जी क बिचार आठवीं अनुसूची में शामिल होखे ले पहीले जरूरी बा भाषा के वर्तमान स्वरुप के साफ सुथरा कइल । ताकी आवे वाली पिढी एके शान से अपनावे । संचालक द्वारा विद्वान लोग आ दर्शक लोग के धन्यवाद के साथे दुसरका सत्र क समाप्ती भइल

तिसरका सत्र कवि सम्मेलन ख़ातिर सुरक्षीत रहे । संचालन क जिम्मा उठवलन श्री संजय कुमार संजय । कवि लोग आपन कविता से दर्शक लोग के कभी ठेठा के हंसे कभी सोचे के मजबुर कइलन । येह सत्र में शिरकत करेवाला कवि में शामिल रहलन हर उमिर के कवि जेमा प्रमुख रहलन बंगलौर के श्री कन्हैया प्रसाद रसिक, श्री संगीत सुभाष – मुसहरी, श्री दिलीप पैनाली -तिनसुखिया असम, श्री लोकनाथ तिवारी अनघड़- मुम्बई, श्री तारकेश्वर राय तारक- गुरुग्राम, श्री हृदयानन्द बिशाल- मुम्बई, श्री संजय कुमार ओझा-गाजियाबाद, श्री राम प्रकाश तिवारी – ग़ाज़ियाबाद, श्री विबेक पाण्डेय- आरा, श्री अमरेन्द्र सिंह – आरा, श्री अमरेन्द्र सिंह बुलेट – छपरा, श्री नन्देश्वर मिश्र नन्द – सिवान, श्री संग्राम ओझा -मुसहरी आ नारी शक्ति क प्रतिनिधित्त्व करत एकमात्र कवयित्री श्री माया शर्मा- पंचदेवरी, गोपालगंज आदि।

चौथा आ अंतिम सत्र गीत गवनई के नांवे रहुवे । येह महफ़िल के उदघोषक संगीत सुभाष जी रहुवन आ आपन गायकी से खुला आकाश आ जाड़ पाला के दिन में उपचत जनसमूह येह बात के साक्षी रहे के श्लील सुनेवालन के कमी नइखे हमनी के भोजपुरिया समाज मे। बनारस से आईल निर्गुण गायक मदन राय, बम्बई से आईल राकेश तिवारी बबलू जी, लखनउ से आईल संजोली पाण्डेय आ परिवार के गायक प्रीति कुशवाहा- कुशीनगर, अभिजीत मिश्र, बिजय शुक्ल, रवीश कुमार शानू क गायकी रात भर सुन के दर्शक आनन्द के सागर में उबचुभ लउकलन । संस्था के उपाध्यक्ष सँगीत सुभाष जी के धन्यवाद देहला के बाद येह लोकऊत्सव के समाप्ति के घोषणा भइल । फिर अइसने कवनो कार्यक्रम में फिर से बटुराये के वादा के साथ ।

अमहीं मिश्र में सम्पन भइल जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव के कुछ फोटो

जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के कुछ सदस्य
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के कुछ सदस्य
कार्यक्रम मे भाग लेत जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के सदस्या
कार्यक्रम मे भाग लेत जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के सदस्या
भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव अमहीं
भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव अमहीं
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार द्वारा आयोजित लोक-संस्कृति उत्सव
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के सदस्य
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के सदस्य
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के सदस्य
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के सदस्य
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के कुछ सदस्य
जय भोजपुरी जय भोजपुरिया परिवार के कुछ सदस्य
माईभाखा के पहरूवा
माईभाखा के पहरूवा

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
जानवर के नाम भोजपुरी में
भोजपुरी में चिरई चुरुंग के नाम
भोजपुरी के पुनरुक्ति शब्द आ युग्म शब्द
भोजपुरी शब्द संरचना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

8 − 7 =